क्या बैंकॉक में नौकरी का झांसा देकर साइबर धोखाधड़ी की गई? आरोपी गिरफ्तार

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क्या बैंकॉक में नौकरी का झांसा देकर साइबर धोखाधड़ी की गई? आरोपी गिरफ्तार

सारांश

अहमदाबाद की साइबर क्राइम पुलिस ने वडोदरा की वीजा कंसलटेंसी संचालक किंजल शाह को गिरफ्तार किया है। उसने बैंकॉक में नौकरी का लालच देकर कई लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बनाया। यह एक गंभीर मामला है, जो साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है।

Key Takeaways

  • साइबर धोखाधड़ी एक गंभीर समस्या है।
  • सोशल मीडिया पर नौकरी के झांसे से सावधान रहें।
  • सतर्कता से आप धोखाधड़ी से बच सकते हैं।
  • पुलिस कार्रवाई आवश्यक है।
  • जागरूकता फैलाने की जरूरत है।

अहमदाबाद, १८ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। अहमदाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने वडोदरा की एक वीजा कंसलटेंसी संचालक किंजल शाह को गिरफ्तार किया है। किंजल पर आरोप है कि उसने बैंकॉक में नौकरी का लालच देकर लोगों को साइबर धोखाधड़ी के जाल में फंसाया। यह जानकारी अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच के एसीपी हार्दिक मकड़िया ने पत्रकारों से बातचीत में दी।

उन्होंने बताया कि मामले की शुरुआत तब हुई, जब एक शिकायतकर्ता के रिश्तेदार ने दुबई में वीजा के लिए पूछताछ की। उसे अभिषेक सिंह नामक व्यक्ति ने बैंकॉक में एक लाख रुपए मासिक वेतन और मुफ्त रहने की सुविधा का लालच दिया। अभिषेक ने पीड़ित का वीडियो कॉल के जरिए एक चीनी नागरिक से इंटरव्यू कराया। अभिषेक पहले एक बैंक में काम करता था और अब दुबई में एक चीन के गिरोह के लिए काम कर रहा है। इसके बाद पीड़ित को टूरिस्ट वीजा पर बैंकॉक भेजा गया।

एसीपी ने बताया कि बैंकॉक हवाई अड्डे पर पीड़ित से पासपोर्ट और एक व्यक्ति के साथ सेल्फी मांगी गई। इसके बाद उसका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया और उसे अवैध रूप से थाईलैंड-म्यांमार सीमा पार करवाकर म्यांमार के केके. पार्क इलाके में ले जाया गया। इस दौरान उसे जंगल, नदी और नाव के रास्ते १५-२० किलोमीटर ले जाया गया। म्यांमार में एक फर्जी कॉल सेंटर में उसे ३३ दिनों तक कैद रखा गया और साइबर धोखाधड़ी के लिए प्रशिक्षण दिया गया। पीड़ित ने इसका विरोध किया, लेकिन उसे भारत लौटने से रोका गया।

उन्होंने बताया कि आरोपियों ने पीड़ित को भारत लौटने की अनुमति देने के लिए ३.५ लाख रुपए की मांग की। पीड़ित ने अपने चाचा को इसकी जानकारी दी, जिन्होंने यूपीआई के जरिए विभिन्न खातों में ३.५ लाख रुपए का भुगतान किया। इसके बाद पीड़ित को भारत लौटने की अनुमति दी गई।

उनके मुताबिक, पुलिस जांच में पता चला कि किंजल शाह ने अभिषेक सिंह के साथ मिलकर यह धोखाधड़ी शुरू की थी और तीन अन्य लोगों को भी इसी तरह फंसाने की योजना बनाई थी। साइबर क्राइम ब्रांच ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया और किंजल को गिरफ्तार कर लिया। एसीपी मकड़िया ने बताया कि गिरोह सोशल मीडिया पर नौकरी के विज्ञापन चलाकर लोगों को निशाना बनाते हैं।

Point of View

यह घटना हमें यह बताती है कि साइबर धोखाधड़ी की समस्या कितनी गंभीर होती जा रही है। हमें समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है ताकि लोग ऐसे धोखाधड़ी भरे प्रस्तावों से बच सकें। सरकार और संबंधित एजेंसियों को भी इस दिशा में और ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
NationPress
29/11/2025

Frequently Asked Questions

किंजल शाह को क्यों गिरफ्तार किया गया?
किंजल शाह को बैंकॉक में नौकरी का झांसा देकर लोगों को साइबर धोखाधड़ी के जाल में फंसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
इस धोखाधड़ी में अभिषेक सिंह की क्या भूमिका थी?
अभिषेक सिंह ने पीड़ितों को बैंकॉक में नौकरी के लिए लुभाने का काम किया और उन्हें एक चीनी नागरिक से इंटरव्यू कराया।
क्या पीड़ित को वापस भारत लौटने दिया गया?
हाँ, पीड़ित को 3.5 लाख रुपए का भुगतान करने के बाद वापस भारत लौटने की अनुमति दी गई।
साइबर क्राइम ब्रांच ने क्या कार्रवाई की?
साइबर क्राइम ब्रांच ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया और किंजल शाह को गिरफ्तार कर लिया।
क्या इस प्रकार की धोखाधड़ी बढ़ रही है?
जी हाँ, यह घटना यह दर्शाती है कि साइबर धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ रही हैं और हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है।
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