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बरगी बांध नाव हादसा: 6 की मौत, 19 बचाए गए, 15 लापता; रात भर जारी रहा SDRF का बचाव अभियान

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बरगी बांध नाव हादसा: 6 की मौत, 19 बचाए गए, 15 लापता; रात भर जारी रहा SDRF का बचाव अभियान

सारांश

बरगी बांध पर पर्यटन विभाग की क्रूज बोट का पलटना महज एक हादसा नहीं — यह सवाल उठाता है कि 2006 में बना 60 सीटर जहाज, जो बांध पर अकेला चल रहा था, तूफान की चेतावनी के बावजूद यात्रियों को ले जा रहा था। 6 मौतें, 15 लापता और एक रात भर चला SDRF अभियान — यह त्रासदी पर्यटन सुरक्षा नियमों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

जबलपुर के बरगी बांध जलाशय में 30 अप्रैल 2026 को मध्य प्रदेश पर्यटन की क्रूज बोट पलटी।
हादसे में कम से कम 6 लोगों की मौत , 19 यात्री बचाए गए, 15 से अधिक अभी भी लापता।
बोट में लगभग 40-45 यात्री सवार थे; जहाज की क्षमता 60 यात्री , निर्मित 2006 में।
SDRF ने गैस कटर से जहाज काटकर तीन घंटे से फंसे एक यात्री को बचाया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिवारों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता देने का निर्देश दिया।
हेल्पलाइन नंबर 0761-2624355 पर कंट्रोल रूम सक्रिय; प्रभारी वीरेंद्र सिंह ।

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी बांध जलाशय पर गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 की शाम एक टूरिस्ट क्रूज बोट के पलट जाने से कम से कम 6 लोगों की मौत हो गई, 19 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया और 15 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), स्थानीय पुलिस और अन्य एजेंसियों ने रात भर बचाव अभियान जारी रखा। यह हादसा बांध के तटबंध से लगभग 300 मीटर की दूरी पर हुआ।

हादसे का घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, मध्य प्रदेश पर्यटन की वह क्रूज बोट उस समय पलटी जब अचानक आए तूफान और तेज हवाओं ने उसका संतुलन बिगाड़ दिया। बोट में उस समय लगभग 40 से 45 यात्री सवार थे। बरगी के नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) अंजुल मिश्रा ने पुष्टि की कि मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण नाव का संतुलन बिगड़ा और वह डूब गई।

पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिचहरिया ने बताया कि यह दुर्भाग्यपूर्ण जहाज 2006 में निर्मित था और इसकी यात्री क्षमता 60 लोगों की थी। यह बरगी बांध पर संचालित एकमात्र क्रूज बोट थी, क्योंकि दूसरा जहाज अभी काम नहीं कर रहा था।

बचाव अभियान की चुनौतियाँ

अंधेरे और रुक-रुककर हो रही बारिश के बावजूद बचाव दलों ने शक्तिशाली सर्चलाइट्स की मदद से तलाशी जारी रखी। SDRF के जवानों ने डूबे हुए क्रूज जहाज के बाहरी हिस्से को काटने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया और एक ऐसे यात्री को बचाया जो लगभग तीन घंटे से जहाज के अंदर फंसा हुआ था।

गौरतलब है कि डूबे हुए जहाज को रस्सियों से सुरक्षित कर लिया गया है और उसे पानी से बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों ने बताया कि बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है, जिसमें टीमें पानी के अंदर और सतह पर मिलकर लापता यात्रियों की तलाश कर रही हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह घटनास्थल पर पहुँचे और बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

तब भी 40-45 यात्रियों को उस बोट पर बैठाया गया — यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि तूफान की संभावना रहते सेवा क्यों जारी रही। मुख्यमंत्री की ₹4 लाख मुआवज़ा घोषणा सहानुभूति दिखाती है, लेकिन जवाबदेही तय किए बिना यह त्रासदी दोहराई जा सकती है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बरगी बांध नाव हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा 30 अप्रैल 2026 की शाम मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी बांध जलाशय पर हुआ। क्रूज बोट बांध के तटबंध से लगभग 300 मीटर की दूरी पर खमरिया द्वीप के पास पलटी।
बरगी बांध हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने लापता हैं?
अधिकारियों के अनुसार कम से कम 6 लोगों की मौत हुई है, 19 यात्रियों को बचा लिया गया और 15 से अधिक लोग अभी भी लापता हैं। बचाव अभियान रात भर जारी रहा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे के बाद क्या घोषणा की?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निर्देश दिया कि मृतकों के परिवारों को ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। साथ ही राज्य सरकार घायलों के इलाज के लिए व्यापक इंतजाम कर रही है।
बरगी बांध हादसे में मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर क्या है?
जिला प्रशासन ने जबलपुर में कलेक्टर कार्यालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है। हेल्पलाइन नंबर 0761-2624355 है, जो पूरी रात चालू रखा गया है और वीरेंद्र सिंह को इसका प्रभारी बनाया गया है।
बरगी बांध की क्रूज बोट कितनी पुरानी थी और उसकी क्षमता क्या थी?
पर्यटन विभाग के अधिकारी योगेंद्र रिचहरिया के अनुसार, यह जहाज 2006 में बना था और इसकी यात्री क्षमता 60 लोगों की थी। यह बरगी बांध पर संचालित एकमात्र क्रूज बोट थी क्योंकि दूसरा जहाज काम नहीं कर रहा था।
राष्ट्र प्रेस
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