बस्ती में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के 'सनातन धर्म संवाद' कार्यक्रम पर विवाद, आयोजक और वक्ताओं पर FIR

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बस्ती में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के 'सनातन धर्म संवाद' कार्यक्रम पर विवाद, आयोजक और वक्ताओं पर FIR

सारांश

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के 'सनातन धर्म संवाद' कार्यक्रम पर विवाद उत्पन्न हुआ है। पुलिस ने आयोजक और वक्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिसमें दिशा-निर्देशों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।

Key Takeaways

  • बस्ती में 'सनातन धर्म संवाद' कार्यक्रम पर विवाद हुआ।
  • पुलिस ने आयोजकों पर एफआईआर दर्ज की है।
  • दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप।
  • अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने पहले कानूनी राहत प्राप्त की थी।
  • गौकशी पर प्रतिबंध की मांग कर रहे हैं।

बस्ती, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के एक कार्यक्रम के कारण विवाद उत्पन्न हो गया है। कोतवाली क्षेत्र में 29 मार्च को आयोजित ‘सनातन धर्म संवाद’ कार्यक्रम के संबंध में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। यह कार्यक्रम राजकीय इंटर कॉलेज बस्ती के परिसर में आयोजित किया गया था।

पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम के आयोजक प्रशांत पांडे (प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय महासभा) ने प्रशासन से शर्तों के साथ अनुमति ली थी, लेकिन जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इन शर्तों का सही तरीके से पालन नहीं किया गया।

चौकी प्रभारी गांधीनगर, उपनिरीक्षक सभाशंकर यादव द्वारा दर्ज की गई बीट सूचना रपट की जांच में यह पाया गया कि कार्यक्रम में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत लागू दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हुआ। कार्यक्रम स्थल पर लाउडस्पीकर की आवाज माननीय न्यायालय द्वारा निर्धारित मानकों से अधिक तेज रखी गई, जिससे आसपास के लोगों को कठिनाई हुई।

पुलिस ने यह भी कहा कि कुछ वक्ताओं ने ऐसे भाषण दिए, जिनसे समुदायों के बीच शत्रुता और घृणा फैलने का खतरा उत्पन्न हुआ, जिससे आम नागरिकों में असुविधा हुई।

प्रभारी निरीक्षक मोती चंद, थाना कोतवाली बस्ती ने आयोजक प्रशांत पांडे और अन्य वक्ताओं के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज किया है। वक्ताओं में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती भी शामिल थे।

इससे पहले, यौन उत्पीड़न के मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को अदालत से राहत मिली थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। इसे अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके समर्थकों ने न्याय की जीत बताया था। उन्होंने कहा कि सत्य की हमेशा विजय होती है।

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती लगातार योगी सरकार पर हमलावर हैं। वह उत्तर प्रदेश में गौकशी को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने की मांग कर रहे हैं। इस अभियान के तहत वह प्रदेश के कई जिलों का दौरा कर रहे हैं। 29 मई को वह बस्ती जिले में पहुंचे थे, जहां उनके कार्यक्रम को शर्तों के साथ अनुमति मिली थी, लेकिन अब पुलिस का कहना है कि नियमों का पालन नहीं किया गया।

Point of View

जहां धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में प्रशासनिक अनुमति और दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य है। आयोजकों और वक्ताओं की ज़िम्मेदारी है कि वे समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखें।
NationPress
08/04/2026

Frequently Asked Questions

बस्ती में 'सनातन धर्म संवाद' कार्यक्रम कब आयोजित हुआ?
यह कार्यक्रम 29 मार्च को बस्ती जिले के कोतवाली क्षेत्र में आयोजित किया गया था।
पुलिस ने किस आधार पर FIR दर्ज की?
पुलिस ने दिशा-निर्देशों के उल्लंघन और भाषणों के कारण FIR दर्ज की।
कार्यक्रम का आयोजन किसने किया था?
कार्यक्रम का आयोजन प्रशांत पांडे ने किया था।
क्या अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को पहले कोई कानूनी राहत मिली थी?
हाँ, उन्हें यौन उत्पीड़न मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय से राहत मिली थी।
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का वर्तमान अभियान क्या है?
वे उत्तर प्रदेश में गौकशी को पूर्णतः प्रतिबंधित करने की मांग कर रहे हैं।
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