दिल्ली में सभी पानी के टैंकरों में जीपीएस की अनिवार्यता, एनजीटी का महत्वपूर्ण आदेश
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नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि वह सभी पानी के टैंकरों में जीपीएस लगवाए। इस आदेश में यह भी कहा गया है कि जल बोर्ड को सभी टैंकरों का संपूर्ण रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, टैंकर के ड्राइवरों को जांच के दौरान दस्तावेज पेश करना भी आवश्यक होगा।
एनजीटी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है, "अब चाहे वह भूजल ले जाने वाले टैंकर हों या सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट द्वारा साफ किए गए पानी के टैंकर, सभी में जीपीएस लगाना अनिवार्य होगा।" एनजीटी ने 28 मई 2025 को एक आदेश जारी किया था जिसमें कहा गया था कि व्यवसायिक रूप से पानी की सप्लाई करने वाले सभी टैंकरों में जीपीएस होना चाहिए। साथ ही, यदि कहीं अवैध रूप से भूजल निकाला जाता है तो उस पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए थे। कुछ पक्षों ने एनजीटी से यह अनुरोध किया था कि जो टैंकर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का साफ किया हुआ पानी ले जाते हैं, उन्हें जीपीएस नियम से छूट दी जाए।
हालांकि, एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि एसटीपी का साफ किया हुआ पानी पर्यावरण को लाभ पहुंचाता है और इसका पुन: उपयोग आवश्यक है, लेकिन निगरानी भी आवश्यक है। ट्रिब्यूनल ने यह कहा कि यदि सभी टैंकरों में जीपीएस नहीं होगा, तो कुछ लोग एसटीपी पानी के नाम पर अवैध भूजल ले जा सकते हैं। इस कारण से निगरानी के लिए जीपीएस प्रणाली अनिवार्य है।
दरअसल, प्रीतिपाल शर्मा ने एक अंतरिम आवेदन दायर किया था जिसमें उन्होंने एक व्यक्ति पर आरोप लगाया था कि उसने दिल्ली जल बोर्ड की अनुमति के बिना बोरवेल लगवाया है। शिकायत में कहा गया कि वह केंद्रीय भूजल प्राधिकरण से 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (एनओसी) प्राप्त किए बिना व्यवसायिक उद्देश्यों के लिए भूजल निकाल रहा है और पानी के टैंकरों के माध्यम से इसे आया नगर और आस-पास के निवासियों को आपूर्ति कर रहा है। ट्रिब्यूनल ने तथ्यों की स्थिति को सत्यापित करने के लिए एक समिति का गठन किया। इस समिति ने ट्रिब्यूनल के आदेशों का पालन करते हुए अपनी रिपोर्ट पेश की।
अलग-अलग तारीखों पर सुनवाई के बाद, ट्रिब्यूनल ने निर्देश जारी किया कि दिल्ली में व्यवसायिक कार्यों के लिए पानी की सप्लाई के लिए केवल जीपीएस वाले टैंकरों का ही उपयोग किया जाएगा और अवैध रूप से भूजल निकालने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी।