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दिल्ली जल संकट: CM रेखा गुप्ता की उच्चस्तरीय बैठक, 980 टैंकर और हरियाणा से 1,000 क्यूसेक पानी का आश्वासन

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दिल्ली जल संकट: CM रेखा गुप्ता की उच्चस्तरीय बैठक, 980 टैंकर और हरियाणा से 1,000 क्यूसेक पानी का आश्वासन

सारांश

भीषण गर्मी में दिल्ली का जल संकट गहराया तो CM रेखा गुप्ता ने मोर्चा संभाला — हरियाणा से 1,000 क्यूसेक पानी का आश्वासन लिया, 980 टैंकर मैदान में उतारे और IIT रुड़की को पाइपलाइन व्यवहार्यता अध्ययन सौंपा। तात्कालिक राहत के साथ दीर्घकालिक जल सुरक्षा की दोहरी रणनीति।

मुख्य बातें

CM रेखा गुप्ता ने 31 मई 2025 को जल आपूर्ति पर उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की।
हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी ने मुनक नहर से न्यूनतम 1,000 क्यूसेक जल आपूर्ति का आश्वासन दिया।
दिल्ली जल बोर्ड के 980 से अधिक टैंकर प्रतिदिन 6,000 से अधिक ट्रिप संचालित कर रहे हैं।
पिछले एक सप्ताह में 11,055 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 8,500 से अधिक का निस्तारण हो चुका है।
यमुना खादर में बोरवेल से प्रतिदिन 10.5 एमजीडी अतिरिक्त जल उत्पादन क्षमता जोड़ी गई।
आईआईटी रुड़की हरियाणा से पाइपलाइन के ज़रिए जल लाने की व्यवहार्यता का अध्ययन कर रहा है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 31 मई 2025 को राजधानी में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में जल मंत्री प्रवेश वर्मा, दिल्ली जल बोर्ड के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। भीषण गर्मी के कारण उत्पन्न जल संकट के बीच सरकार ने तत्काल और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर ठोस कदम उठाने का संकल्प जताया है।

मुख्य घटनाक्रम

वजीराबाद के निकट यमुना नदी में जल उपलब्धता प्रभावित होने से दिल्ली की आपूर्ति पर दबाव बना है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस संदर्भ में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सीधी बातचीत की, जिसके बाद हरियाणा सरकार ने मुनक नहर के माध्यम से दिल्ली को न्यूनतम 1,000 क्यूसेक जल आपूर्ति बनाए रखने का आश्वासन दिया है।

बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि दिल्ली जल बोर्ड के 980 से अधिक टैंकर प्रतिदिन 6,000 से अधिक ट्रिप संचालित कर रहे हैं। घनी आबादी और संकरी गलियों वाले इलाकों में जल पहुँचाने के लिए छोटे टैंकर भी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा यमुना खादर क्षेत्र में अतिरिक्त बोरवेल स्थापित कर प्रतिदिन 10.5 एमजीडी जल उत्पादन क्षमता बढ़ाई गई है।

शिकायत निवारण और निगरानी

मुख्यमंत्री को बताया गया कि पिछले एक सप्ताह में दिल्ली जल बोर्ड हेल्पलाइन पर 11,055 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 8,500 से अधिक का समाधान किया जा चुका है। रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जाए और जल बोर्ड अधिकारी प्रतिदिन प्राप्त होने वाली शिकायतों की व्यक्तिगत निगरानी करें। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी स्वयं क्षेत्र में जाकर स्थिति का सत्यापन करें।

मुख्यमंत्री ने जल रिसाव की प्रत्येक घटना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि जल की एक-एक बूंद बहुमूल्य है तथा किसी भी प्रकार की बर्बादी स्वीकार्य नहीं होगी।

दीर्घकालिक जल प्रबंधन योजनाएँ

सरकार ने तात्कालिक राहत के साथ-साथ भविष्य की जल सुरक्षा के लिए भी कई योजनाओं पर काम शुरू किया है। आईआईटी रुड़की द्वारा हरियाणा से पाइपलाइन के माध्यम से जल लाने की व्यवहार्यता का अध्ययन किया जा रहा है, जिससे जल हानि और रिसाव को कम किया जा सके। इसके अतिरिक्त वजीराबाद के निकट यमुना में ड्रेजिंग और डी-सिल्टिंग कार्य, नए जल शोधन संयंत्रों की स्थापना तथा यमुना खादर क्षेत्र में और बोरवेल विकसित करने की योजनाएँ भी प्रगति पर हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि शोधन संयंत्रों (एसटीपी) से प्राप्त उपचारित जल का उपयोग बागवानी, वाहन धुलाई और अन्य गैर-पेय कार्यों के लिए सुनिश्चित करने हेतु ड्यूल वाटर सप्लाई सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए।

जन जागरूकता अभियान

रेखा गुप्ता ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए दिल्ली जल बोर्ड को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जल संकट का स्थायी समाधान केवल आपूर्ति बढ़ाने से नहीं, बल्कि जल के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण से भी संभव है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली जैसे महानगरों में गर्मियों के दौरान जल संकट हर वर्ष एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

आगे की राह

गौरतलब है कि दिल्ली की जल समस्या केवल मौसमी नहीं, बल्कि संरचनात्मक भी है — पुरानी पाइपलाइनें, रिसाव और अंतर-राज्यीय जल-बँटवारे के विवाद इसे और जटिल बनाते हैं। आईआईटी रुड़की की व्यवहार्यता रिपोर्ट और नए शोधन संयंत्रों की स्थापना की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन सरकार का कहना है कि राजधानी की जल सुरक्षा को और अधिक मज़बूत करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

संरचनात्मक है — और अब तक के समाधान टैंकर-केंद्रित रहे हैं, न कि प्रणाली-सुधार केंद्रित। हरियाणा से 1,000 क्यूसेक का आश्वासन कूटनीतिक सफलता है, लेकिन अंतर-राज्यीय जल-बँटवारे पर कोई बाध्यकारी व्यवस्था नहीं है, इसलिए यह भरोसा हर बार नए सिरे से माँगना पड़ता है। आईआईटी रुड़की का व्यवहार्यता अध्ययन सही दिशा है, पर इसकी समयसीमा और बजट अभी अस्पष्ट हैं। जब तक पाइपलाइन अवसंरचना और पुरानी लीकेज प्रणाली को ठीक नहीं किया जाता, हर साल 11,000 शिकायतें और 980 टैंकर एक स्थायी समाधान नहीं, बल्कि संकट-प्रबंधन की आदत बन जाएगी।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में जल संकट का मुख्य कारण क्या है?
वजीराबाद के निकट यमुना नदी में जल उपलब्धता कम होने से दिल्ली की आपूर्ति पर दबाव बना है। भीषण गर्मी के कारण माँग बढ़ने और स्रोत में कमी आने से संकट और गहरा हुआ है।
हरियाणा ने दिल्ली को कितने पानी का आश्वासन दिया है?
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने CM रेखा गुप्ता के साथ बातचीत के बाद मुनक नहर के माध्यम से दिल्ली को न्यूनतम 1,000 क्यूसेक जल आपूर्ति बनाए रखने का आश्वासन दिया है।
दिल्ली जल बोर्ड कितने टैंकर चला रहा है?
दिल्ली जल बोर्ड के 980 से अधिक टैंकर प्रतिदिन 6,000 से अधिक ट्रिप संचालित कर रहे हैं। संकरी गलियों और घनी आबादी वाले इलाकों के लिए छोटे टैंकर भी तैनात किए गए हैं।
दिल्ली जल संकट के दीर्घकालिक समाधान क्या हैं?
सरकार ने आईआईटी रुड़की को हरियाणा से पाइपलाइन के माध्यम से जल लाने की व्यवहार्यता का अध्ययन सौंपा है। इसके अलावा वजीराबाद के पास यमुना में ड्रेजिंग, नए जल शोधन संयंत्र और यमुना खादर में अतिरिक्त बोरवेल विकसित करने की योजनाएँ भी प्रगति पर हैं।
पिछले एक हफ्ते में कितनी जल शिकायतें आईं और कितनी सुलझाई गईं?
पिछले एक सप्ताह में दिल्ली जल बोर्ड हेल्पलाइन पर 11,055 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 8,500 से अधिक का समाधान किया जा चुका है। CM रेखा गुप्ता ने शेष शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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