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गुरुग्राम में जल आपूर्ति की प्राथमिकता: नायब सिंह सैनी का निर्देश

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गुरुग्राम में जल आपूर्ति की प्राथमिकता: नायब सिंह सैनी का निर्देश

सारांश

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम में पेयजल को सुनिश्चित करने के लिए जल नहर के निर्माण को प्राथमिकता देने की बात कही। यह परियोजना 2050 तक की जनसंख्या के लिए पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।

मुख्य बातें

गुरुग्राम वाटर कैनल की कार्यप्रणाली को प्राथमिकता दी गई है।
यह परियोजना 2050 तक की जनसंख्या की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करेगी।
कीमत: 1,993 करोड़ रुपए का निवेश।
संपूर्ण भूमिगत पाइपलाइन से पानी की चोरी की समस्या का हल।
परियोजना को ढाई साल में पूरा करने का लक्ष्य।

चंडीगढ़, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को यह कहा कि गुरुग्राम में पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बनाई जा रही गुरुग्राम वाटर कैनल का कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने गुरुग्राम वाटर कैनल के पुनर्निर्माण पर स्थायी वित्त समिति की बैठक की अध्यक्षता की।

उन्होंने बताया कि सोनीपत के काकरोई हेड से बसई जल संयंत्र तक बनाई जाने वाली यह नहर गुरुग्राम को 686 क्यूसेक पानी की आपूर्ति करेगी, जो 2050 तक की जनसंख्या की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगी। लगभग 70 किलोमीटर लंबी इस नहर के निर्माण पर लगभग 1,993 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना में पूरी तरह से भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी, जिससे पानी की चोरी की समस्या को भी समाप्त करने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल आपूर्ति कैनल की क्षमता को बढ़ाकर 1,000 क्यूसेक किया जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक जनसंख्या को इसका लाभ मिल सके।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गुरुग्राम को एनसीआर नहर से 500 क्यूसेक पानी भी प्राप्त होगा। इस प्रकार, आने वाले वर्षों में गुरुग्राम को कुल 1,500 क्यूसेक पानी की आपूर्ति होने की संभावना है।

इसके अतिरिक्त, मेवात क्षेत्र के लिए 389 क्यूसेक पीने के पानी का विशेष प्रावधान किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि परियोजना को पारदर्शी तरीके से और उच्च गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए क्रियान्वित किया जाए, और कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी। उन्होंने इस परियोजना को जनता के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रभावशाली पहल बताया और जोर दिया कि इसे वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए ताकि इससे जनता को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पेयजल आपूर्ति परियोजना को ढाई साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने अधिकारियों को निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने और परियोजना को निर्धारित समय से लगभग तीन महीने पहले पूरा करने का निर्देश दिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुरुग्राम वाटर कैनल का उद्देश्य क्या है?
गुरुग्राम वाटर कैनल का उद्देश्य 2050 तक की जनसंख्या की पेयजल आवश्यकताओं को पूरा करना है।
इस परियोजना पर कितना खर्च आएगा?
इस परियोजना पर लगभग 1,993 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
गुरुग्राम को कितने क्यूसेक पानी की आपूर्ति होगी?
गुरुग्राम को 1,500 क्यूसेक पानी की आपूर्ति होने की उम्मीद है।
इस परियोजना का कार्य कब तक पूरा होगा?
इस परियोजना को ढाई साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्या इस परियोजना में पानी की चोरी की समस्या का समाधान होगा?
हाँ, पूरी तरह से भूमिगत पाइपलाइन बिछाने से पानी की चोरी की समस्या समाप्त होगी।
राष्ट्र प्रेस
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