बीटल्स आश्रम ऋषिकेश में फरवरी 2027 में होगी 'क्लोवर' फिल्म की शूटिंग, सीएम धामी से मिला अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित ऐतिहासिक चौरासी कुटिया (बीटल्स आश्रम) में फरवरी 2027 में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय फिल्म प्रोजेक्ट की शूटिंग प्रस्तावित है। मशहूर ब्रिटिश म्यूजिक बैंड 'द बीटल्स' के चारों सदस्यों की जिंदगी और उनके संगीत सफर पर आधारित इस प्रोजेक्ट का नाम 'क्लोवर' है। 18 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय फिल्ममेकर्स के एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर राज्य में शूटिंग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
प्रोजेक्ट का स्वरूप और योजना
'क्लोवर' दरअसल चार अलग-अलग फिल्मों की एक सिनेमैटिक सीरीज है, जिसे 'द बीटल्स: ए फोर फिल्म सिनेमैटिक इवेंट' के नाम से जाना जा रहा है। इस सीरीज की हर फिल्म बैंड के एक-एक सदस्य की जिंदगी और संगीत यात्रा पर केंद्रित होगी। इसे दुनियाभर के सिनेमाघरों में अप्रैल 2028 में रिलीज करने की योजना है।
इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का निर्देशन ऑस्कर विजेता फिल्ममेकर सैम मेंडेस कर रहे हैं। इसका प्रोडक्शन नील स्ट्रीट प्रोडक्शंस द्वारा सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट और एप्पल कॉर्प्स के साथ मिलकर किया जा रहा है।
ऋषिकेश में शूटिंग का महत्व
ऋषिकेश के बीटल्स आश्रम का 'द बीटल्स' के साथ गहरा ऐतिहासिक संबंध रहा है। 1968 में बैंड के सदस्य यहाँ ट्रान्सेंडेंटल मेडिटेशन सीखने आए थे और यहीं उन्होंने कई प्रसिद्ध रचनाएँ लिखीं। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि ऋषिकेश शूटिंग में 100 से अधिक अंतरराष्ट्रीय क्रू सदस्य और करीब 150 भारतीय क्रू सदस्य शामिल होंगे। इसके अलावा स्थानीय तकनीशियन और सपोर्ट स्टाफ भी प्रोडक्शन टीम का हिस्सा बनेंगे। भारत में प्रोडक्शन गतिविधियों का समन्वय 'ऑन द रोड इंडिया' कर रही है।
सीएम धामी की प्रतिक्रिया और फिल्म पॉलिसी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक-आध्यात्मिक विरासत और विविध लोकेशन्स के कारण फिल्म शूटिंग के लिहाज से देश में एक अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की 'फिल्म पॉलिसी 2024' के तहत फिल्ममेकर्स को अनुकूल माहौल और आवश्यक सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं।
धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य अधिकाधिक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म परियोजनाओं को उत्तराखंड में लाना है, जिससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हों।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन पर असर
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, इस प्रोजेक्ट से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसके साथ ही होटल, परिवहन और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों को भी लाभ मिलने की संभावना है।
सीएमओ के बयान में यह भी कहा गया कि इस अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट की शूटिंग से उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक पहचान मिलेगी और राज्य में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में भी सहायता मिल सकती है। गौरतलब है कि ऋषिकेश पहले से ही योग और आध्यात्मिकता के वैश्विक केंद्र के रूप में मानी जाती है।
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन थे
सीएम धामी से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में बाफ्टा नामांकित ब्रिटिश फिल्म प्रोड्यूसर एलेक्जेंड्रा डर्बीशायर, भारतीय फिल्म प्रोड्यूसर दिलीप सिंह राठौर और सुपरवाइजिंग लोकेशन मैनेजर एम्मा पिल शामिल थीं। यह प्रतिनिधिमंडल ऋषिकेश में शूटिंग की व्यावहारिक संभावनाओं और लॉजिस्टिक्स पर सरकार के सहयोग की रूपरेखा तैयार करने के उद्देश्य से उत्तराखंड आया था।
यह प्रोजेक्ट ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड लगातार अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। आने वाले महीनों में शूटिंग की अनुमति और लॉजिस्टिक्स को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।