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'सितंबर-21' की कहानी : अमित बहल और प्रवीण सिंह सिसोदिया की ईमानदारी, कान्स का सम्मान

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'सितंबर-21' की कहानी : अमित बहल और प्रवीण सिंह सिसोदिया की ईमानदारी, कान्स का सम्मान

सारांश

'सितंबर-21' केवल एक चिकित्सा नाटक नहीं है — यह एक बेटे और पिता के बीच प्रेम, स्मृति और खोने की गहन कहानी है। अल्जाइमर के सामने परिवार की लड़ाई को दिखाते हुए, अमित बहल और प्रवीण सिंह सिसोदिया की ईमानदार अभिनय ने इसे कान्स तक पहुंचाया है — भारतीय सिनेमा का एक शांत विजय।

मुख्य बातें

हिंदी-कन्नड़ फिल्म 'सितंबर-21' को कान्स फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर के लिए चुना गया है।
यह निर्देशक करेन क्षिति सुवर्णा की पहली फीचर फिल्म है, जिनकी शॉर्ट फिल्म को पहले भी सराहा जा चुका है।
फिल्म अल्जाइमर रोग और देखभालकर्ताओं के संघर्ष की कहानी बताती है, न कि केवल बीमारी पर।
अमित बहल ने कहा कि पूरी टीम ईमानदारी से काम करती रही, कान्स जाने की उम्मीद किए बिना।
प्रवीण सिंह सिसोदिया अल्जाइमर मरीज की भूमिका में हैं, जिसके लिए उन्होंने गहन शोध किया।

मुंबई, 7 मई (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सिनेमा वैश्विक फिल्म समारोहों में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में हिंदी-कन्नड़ फिल्म 'सितंबर-21' को कान्स फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर के लिए चुना गया है। निर्देशक करेन क्षिति सुवर्णा की पहली फीचर फिल्म अल्जाइमर रोग और देखभालकर्ताओं के संघर्ष की कहानी कहती है। अभिनेता अमित बहल और प्रवीण सिंह सिसोदिया ने राष्ट्र प्रेस से फिल्म के निर्माण, अपनी भूमिकाओं और इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर विस्तार से बातचीत की।

कान्स तक की अप्रत्याशित यात्रा

अमित बहल ने कान्स चयन पर कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

और करेन क्षिति सुवर्णा की दिशा, तीनों ने यह सिद्ध किया है कि भारत में ऐसी फिल्में बन रही हैं जो केवल बीमारी की रिपोर्ट नहीं करतीं, बल्कि मानवीय संबंधों की जटिलताओं को खोलती हैं। यह वह फिल्म है जो समाज को सोचने पर मजबूर करे — और उसके लिए कान्स को भारत की ओर से मिली है। लेकिन सवाल यह है : क्या भारतीय दर्शक इसे देखेंगे? या यह एक और अंतरराष्ट्रीय सम्मान होगा जो घरेलू सिनेमा से अलग-थलग रहेगा?
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फिल्म 'सितंबर-21' किस विषय पर आधारित है?
यह फिल्म अल्जाइमर रोग से जूझ रहे एक पिता और उसके बेटे की कहानी है। यह केवल बीमारी की गाथा नहीं है, बल्कि देखभालकर्ताओं के संघर्ष, पारिवारिक रिश्तों की परतों और मानवीय करुणा की गहन खोज है।
'सितंबर-21' को कान्स फिल्म फेस्टिवल में कैसे चुना गया?
फिल्म को कान्स की चयन समिति ने इसकी कलात्मक गुणवत्ता और विषय की सार्वभौमिक प्रासंगिकता के लिए चुना है। निर्देशक करेन क्षिति सुवर्णा की पहली फीचर फिल्म होने के बावजूद, इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन के लिए योग्य माना गया।
अमित बहल और प्रवीण सिंह सिसोदिया ने अपनी भूमिकाओं के लिए कैसे तैयारी की?
दोनों अभिनेताओं ने गहन शोध किया। प्रवीण सिंह सिसोदिया, जो अल्जाइमर मरीज की भूमिका में हैं, ने रोग की वास्तविकता को समझने के लिए व्यापक अध्ययन किया। अमित बहल ने कहा कि पूरी टीम ने प्रत्येक दृश्य को यथार्थवादी और भावनात्मक रूप से सत्य रखने पर जोर दिया।
यह फिल्म अमित बहल के पिछली फिल्मों से कैसे अलग है?
अमित बहल ने इसे अपने करियर की सबसे सार्थक फिल्मों में से एक बताया है। पिछली फिल्मों की तुलना में, 'सितंबर-21' सामाजिक संदेश और मानवीय गहराई पर केंद्रित है, न कि केवल मनोरंजन पर।
भारतीय दर्शकों को यह फिल्म कब देखने को मिलेगी?
कान्स प्रीमियर के बाद फिल्म की रिलीज़ की तारीख की घोषणा की जाएगी। फिल्म निर्माताओं ने अभी कोई निर्दिष्ट तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन आशा है कि यह आने वाले महीनों में भारतीय दर्शकों तक पहुंचेगी।
राष्ट्र प्रेस
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