अशोक पंडित ने 'तन्वी द ग्रेट' की की सराहना, कहा- यह फिल्म ऑटिज्म को सम्मान देती है
सारांश
Key Takeaways
- फिल्म ऑटिज्म को समझ और सम्मान देती है।
- यह कहानी हमें प्रेरित करती है कि हम अपनी कमजोरियों के बावजूद आगे बढ़ सकते हैं।
- अशोक पंडित ने फिल्म की सराहना की है।
- सिनेमा की ताकत सामाजिक संदेश देने में महत्वपूर्ण है।
- ऐसी कहानियाँ भविष्य में भी बननी चाहिए।
मुंबई, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। फिल्म निर्माता और सामाजिक कार्यकर्ता अशोक पंडित ने अमेजन प्राइम पर स्ट्रीमिंग हो रही अनुपम खेर की फिल्म 'तन्वी द ग्रेट' की प्रशंसा की। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में उन्होंने कहा कि कुछ कहानियाँ केवल मनोरंजन का साधन नहीं होतीं, बल्कि वे स्क्रीन के बंद होने के बाद भी हमारे दिलों में गहराई तक बस जाती हैं। 'तन्वी द ग्रेट' ऐसी ही एक विशेष कहानी है।
अशोक पंडित ने कहा कि यह फिल्म ऑटिज्म को दया या सहानुभूति की दृष्टि से नहीं, बल्कि सम्मान और समझ के साथ प्रस्तुत करती है। यह हमें याद दिलाती है कि महानता हमेशा जोर-शोर से नहीं आती; कभी-कभी यह एक ऐसे मस्तिष्क में छिपी होती है, जो दुनिया को अलग, सुंदर और पूरी ईमानदारी से देखता है।
उन्होंने फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता बताई कि यह ऑटिज्म को ड्रामा में बदलने की कोशिश नहीं करती। यह हमें उस अंतर को देखने का अवसर देती है और प्यार से कहती है कि हमें रुकना चाहिए, सोचना चाहिए, और 'नॉर्मल' की अपनी सोच को बदलना चाहिए। सिनेमा की ताकत यही है कि वह उन दुनियाओं के बीच पुल बनाता है, जिन्हें हम शायद खुद कभी पूरी तरह से महसूस न कर पाएं। यह फिल्म ठीक यही कार्य करती है—दिल, इज्जत, और गरिमा के साथ।
वीडियो में अशोक पंडित ने कहा, “हमारे देश में विभिन्न प्रकार की फिल्में बनती हैं—एक्शन, अर्थपूर्ण सिनेमा, मुद्दा आधारित फिल्में। इन्हीं में से एक है 'तन्वी द ग्रेट,' जिसे मेरे बड़े भाई और प्रिय मित्र अनुपम खेर ने बनाया है। यह एक ऑटिस्टिक बच्ची की आकांक्षाओं, उपलब्धियों और जुनून की कहानी है। यह हमें प्रेरित करती है कि हम कितनी भी कमजोर क्यों न महसूस करें, हम आगे बढ़ सकते हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि वह ऑटिस्टिक व्यक्तियों को 'नॉर्मल' से अलग नहीं मानते। बल्कि, उनकी संवेदनशीलता, भावनात्मक गहराई और जुनून कहीं अधिक होते हैं। जब हम खुद को कमजोर महसूस करते हैं, तो ऐसी प्रेरक कहानियाँ हमें साहस और आत्मविश्वास प्रदान करती हैं। फिल्म की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि इसकी स्क्रिप्ट, निर्देशन, संपादन, स्थान, फोटोग्राफी और अभिनय सभी उत्कृष्ट हैं। मैं दिल से कह रहा हूं, यह फिल्म उच्चतम स्तर की है।
अशोक पंडित ने दर्शकों से अपील की कि ऐसी फिल्में देखें। यदि हम ऐसी फिल्में नहीं देखेंगे, तो फिल्म निर्माता निराश हो जाते हैं और भविष्य में ऐसी प्रेरणादायक कहानियाँ बनाने से हिचकते हैं। उन्होंने कहा, “आप सभी से अनुरोध है कि अमेजन प्राइम पर 'तन्वी द ग्रेट' अवश्य देखें। इसे इतनी अच्छी सफलता मिले कि अनुपम खेर जी को और ऐसी प्रेरणादायक कहानियाँ बनाने का अवसर मिले।”