पलेठी गांव के प्राचीन सूर्य मंदिर का वीडियो शेयर कर सीएम धामी ने किया दर्शन का आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 14 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर टिहरी जिले के पलेठी गांव स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर का वीडियो साझा करते हुए श्रद्धालुओं और पर्यटकों से इस धाम के दर्शन करने की अपील की। यह मंदिर हिंडोलाखाल विकासखंड के अंतर्गत आता है और उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।
मुख्यमंत्री का संदेश
अपनी एक्स पोस्ट में धामी ने लिखा, 'टिहरी जनपद के हिंडोलाखाल विकासखंड अंतर्गत पलेठी गांव में स्थित प्राचीन सूर्य मंदिर उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत का अनुपम प्रतीक है।' उन्होंने आगे कहा, 'प्राकृतिक सौंदर्य से आच्छादित यह पावन धाम श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अपनी दिव्यता एवं अलौकिक आभा से आकर्षित करता है। आप भी टिहरी गढ़वाल जनपद आगमन पर इस पावन मंदिर के दर्शन अवश्य करें।'
शनि मंदिर का वीडियो भी किया था साझा
यह ध्यान देने योग्य है कि धामी ने 13 जून को उत्तरकाशी जिले के खरसाली गांव स्थित प्राचीन शनि मंदिर का वीडियो भी एक्स पर साझा किया था। उस पोस्ट में उन्होंने लिखा था, 'उत्तरकाशी जनपद के खरसाली गांव में स्थित प्राचीन शनि मंदिर धार्मिक आस्था और पौराणिक विरासत का अद्भुत संगम है। यह स्थान मां यमुना के शीतकालीन प्रवास स्थल के रूप में भी प्रसिद्ध है। यहां शनि महाराज कांस्य प्रतिमा के रूप में विराजमान हैं।'
पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल
धार्मिक स्थलों के प्रचार के साथ-साथ मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को देश के प्रमुख वॉटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी सक्रियता दिखाई। उन्होंने ऋषिकेश और टिहरी में वॉटर स्पोर्ट्स की संभावनाओं को विकसित करने के साथ-साथ राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी ऐसे अवसरों को चिन्हित करने की बात कही।
गदरपुर में अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी
धामी ने गदरपुर, ऊधम सिंह नगर में आयोजित होने वाली अंतर्राष्ट्रीय क्याकिंग एवं कैनोइंग प्रतियोगिता की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रतियोगिता से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुसार समयबद्ध रूप से पूरी की जाएं। इस प्रकार मुख्यमंत्री की ये गतिविधियां उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन और साहसिक खेल पर्यटन — दोनों को एक साथ प्रोत्साहित करने की राज्य सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती हैं।