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क्या बीईसीआईएल लोन फ्रॉड के आरोपी प्रतीक कनकिया को ईडी ने हिरासत में लिया?

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क्या बीईसीआईएल लोन फ्रॉड के आरोपी प्रतीक कनकिया को ईडी ने हिरासत में लिया?

सारांश

क्या बीईसीआईएल लोन फ्रॉड ने मुंबई में एक बड़े घोटाले की परतें उजागर की हैं? जानें कैसे प्रतीक कनकिया की गिरफ्तारी ने इस मामले में नया मोड़ लाया है।

मुख्य बातें

प्रतीक कनकिया की गिरफ्तारी ने लोन फ्रॉड के एक बड़े मामले को उजागर किया।
ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की।
बीईसीआईएल ने 50 करोड़ रुपए का ऋण दिया था।
जांच में जाली दस्तावेजों का उपयोग पाया गया।
आगे की जांच चल रही है।

मुंबई, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई कार्यालय ने 5 जनवरी को द ग्रीन बिलियन्स लिमिटेड (टीजीबीएल) के सीईओ प्रतीक कनकिया को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 47.32 करोड़ रुपए के धन शोधन मामले में की गई है।

प्रतीक कनकिया को 6 जनवरी 2026 को मुंबई स्थित पीएमएलए विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें 9 जनवरी 2026 तक ईडी की हिरासत में भेजा गया।

ईडी की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने धोखाधड़ी से ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (बीईसीआईएल) से 50 करोड़ रुपए का ऋण लिया और इसका दुरुपयोग किया, जिससे बीईसीआईएल को अनुचित नुकसान हुआ। बीईसीआईएल भारत सरकार का एक सार्वजनिक उपक्रम है।

2018 में, पुणे नगर निगम (पीएमसी) ने वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट संयंत्र स्थापित करने और संचालित करने के लिए टेंडर निकाला।

यह प्रोजेक्ट 2019 में वेरिएट कंसल्टेंट्स को सौंपा गया, और इसके बाद 2020 में पीएमसी और वेरिएट पुणे वेस्ट टू एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड (एसपीवी) के बीच एक समझौता हुआ।

इसके पश्चात, आरोपी की कंपनी द ग्रीन बिलियन्स लिमिटेड ने उक्त एसपीवी का अधिग्रहण करने के लिए एक बाध्यकारी टर्म शीट पर हस्ताक्षर किए और बीईसीआईएल से संपर्क कर एक कंसोर्टियम बनाने का प्रस्ताव दिया, जिसमें बीईसीआईएल को पीएमसी परियोजना के लिए परियोजना प्रबंधन सलाहकार और वित्तीय भागीदार के रूप में कार्य करना था।

2022 में, भारतीय नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी लिमिटेड (आईआरईडीए) ने बीईसीआईएल को 80 करोड़ रुपए का अल्पकालिक ऋण स्वीकृत किया, जिसमें से 50 करोड़ रुपए बीईसीआईएल द्वारा टीजीबीएल को आगे स्वीकृत किए गए।

ईडी की जांच में यह भी पाया गया कि प्रतीक कनकिया ने अपनी निजी फर्म के माध्यम से और बीईसीआईएल के पूर्व कर्मचारियों की मिलीभगत से जाली और मनगढ़ंत दस्तावेजों का उपयोग कर और निर्धारित शर्तों का पालन किए बिना पुणे वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट के नाम पर धोखाधड़ी से ऋण सुविधा का लाभ उठाया।

कनकिया ने धन का गबन किया और परियोजना स्थल पर कोई काम नहीं हुआ। ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने अपराध से प्राप्त धन का उपयोग निजी खर्चों और विलासितापूर्ण जीवनशैली बनाए रखने के लिए किया, जिसमें लग्जरी वाहनों का उपयोग और मुंबई और दिल्ली के प्रमुख स्थानों पर उच्च श्रेणी के आवासीय परिसरों को किराए पर लेना और उनका नवीनीकरण करना शामिल है, जिससे वित्तीय समृद्धि का झूठा आभास हुआ। आगे की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की सुरक्षा और उनके वित्तीय प्रबंधन की आवश्यकताओं को भी उजागर करता है। एक जागरूक नागरिक के रूप में, हमें ऐसे मामलों पर ध्यान देने की जरूरत है और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे देश के संसाधनों का सही उपयोग हो।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रतीक कनकिया को क्यों गिरफ्तार किया गया?
उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत 47.32 करोड़ रुपए के लोन फ्रॉड के मामले में गिरफ्तार किया गया।
ईडी की जांच में क्या पाया गया?
जांच में यह पाया गया कि प्रतीक कनकिया ने जाली दस्तावेजों के माध्यम से बीईसीआईएल से ऋण लिया और उसका दुरुपयोग किया।
इस मामले में आगे की कार्रवाई क्या होगी?
जांच जारी है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
क्या यह मामला वित्तीय सुरक्षा पर असर डालेगा?
यह मामला वित्तीय प्रबंधन और सार्वजनिक उपक्रमों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंताओं को उठाता है।
राष्ट्र प्रेस
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