बंगाल चुनाव: ईवीएम छेड़छाड़ के आरोपों पर चुनाव अधिकारियों का जवाब, 'खुदीराम केंद्र के 7 स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सीलबंद'
सारांश
Key Takeaways
कोलकाता में 30 अप्रैल 2025 को खुदीराम अनुशीलन केंद्र स्थित ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं के धरने और ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों के बीच चुनाव अधिकारियों ने गुरुवार शाम विस्तृत आधिकारिक बयान जारी किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परिसर में 7 विधानसभा क्षेत्रों के सभी ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित, सीलबंद और कड़ी निगरानी में हैं।
मुख्य घटनाक्रम
बेलियाघाटा विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के संदर्भ में बयान जारी करते हुए बताया कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र परिसर में कुल 7 विधानसभा क्षेत्रों के ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम हैं। मतदान समाप्त होने के बाद इन्हें उम्मीदवारों, उनके चुनाव एजेंटों और जनरल ऑब्जर्वर की मौजूदगी में विधिवत बंद और सील किया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, अंतिम ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम बुधवार देर रात मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार सुबह करीब 5:15 बजे सील किया गया। सभी ईवीएम वाले स्ट्रॉन्ग रूम सुरक्षित रूप से बंद हैं और उन पर लगातार सुरक्षा निगरानी जारी है।
पोस्टल बैलेट छंटनी को लेकर भ्रम
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिस गतिविधि को सोशल मीडिया पर ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम खोलने के रूप में पेश किया गया, वह वास्तव में पोस्टल बैलेट की छंटनी की प्रक्रिया थी — जो तय नियमों के अंतर्गत की जा रही थी। रिटर्निंग ऑफिसर ने बताया कि इसी परिसर में एक अलग स्ट्रॉन्ग रूम पोस्टल बैलेट और ईटीबीपीएस मतपत्रों के लिए है।
गुरुवार शाम 4 बजे से पोस्टल बैलेट की छंटनी शुरू की गई, जो ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर बने कॉरिडोर में की जा रही थी। मुख्य ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम इस दौरान पूरी तरह बंद और सीलबंद रहे।
राजनीतिक दलों को पूर्व सूचना
रिटर्निंग ऑफिसर ने बताया कि 28 अप्रैल को जिला निर्वाचन अधिकारी, कोलकाता नॉर्थ के मेमो के तहत ईमेल के ज़रिए सभी राजनीतिक दलों को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि 30 अप्रैल को शाम 4 बजे खुदीराम अनुशीलन केंद्र में पोस्टल बैलेट की छंटनी होगी।
इस संबंध में TMC के कुणाल घोष, माकपा की परमिता रॉय, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्थ चौधरी, कांग्रेस की शाहिना जावेद और एसयूसीआई (सी) की जयंती मित्रा समेत सभी उम्मीदवारों और उनके चुनाव एजेंटों को आधिकारिक सूचना भेजी गई थी।
अधिकारियों की अंतिम स्थिति
निर्वाचन अधिकारियों ने दोहराया कि पोस्टल बैलेट की छंटनी तय प्रक्रिया के अनुसार और सभी राजनीतिक दलों को सूचना देने के बाद शुरू की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम को किसी भी स्तर पर नहीं खोला गया और इस प्रक्रिया की जानकारी पहले ही सभी ऑब्जर्वरों, रिटर्निंग ऑफिसरों और राजनीतिक दलों को दे दी गई थी।
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल पहले से ही तनावपूर्ण है और मतगणना से पहले किसी भी असामान्य गतिविधि पर सभी दलों की पैनी नज़र है। आने वाले दिनों में मतगणना प्रक्रिया और उसकी पारदर्शिता ही इन विवादों का अंतिम जवाब देगी।