बंगाल चुनाव: ईवीएम छेड़छाड़ के आरोपों पर चुनाव अधिकारियों का जवाब, 'खुदीराम केंद्र के 7 स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सीलबंद'

Click to start listening
बंगाल चुनाव: ईवीएम छेड़छाड़ के आरोपों पर चुनाव अधिकारियों का जवाब, 'खुदीराम केंद्र के 7 स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सीलबंद'

सारांश

कोलकाता में TMC नेताओं के धरने और ईवीएम छेड़छाड़ के आरोपों के बाद चुनाव अधिकारियों ने साफ किया — खुदीराम अनुशीलन केंद्र के 7 स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सीलबंद हैं। वायरल वीडियो में जो दिखा वह ईवीएम नहीं, बल्कि पोस्टल बैलेट की छंटनी थी — जिसकी सूचना 28 अप्रैल को ही सभी दलों को दी जा चुकी थी।

Key Takeaways

कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र में 7 विधानसभा क्षेत्रों के ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सीलबंद हैं। अंतिम ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम 30 अप्रैल की सुबह 5:15 बजे सील किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखी गतिविधि पोस्टल बैलेट की छंटनी थी, न कि ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम खोलना। 28 अप्रैल को ईमेल के ज़रिए सभी राजनीतिक दलों — TMC, BJP, कांग्रेस, माकपा, SUCI(C) — को पूर्व सूचना दी गई थी। TMC के कुणाल घोष , BJP के पार्थ चौधरी समेत सभी उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिस भेजा गया था।

कोलकाता में 30 अप्रैल 2025 को खुदीराम अनुशीलन केंद्र स्थित ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं के धरने और ईवीएम से छेड़छाड़ के आरोपों के बीच चुनाव अधिकारियों ने गुरुवार शाम विस्तृत आधिकारिक बयान जारी किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परिसर में 7 विधानसभा क्षेत्रों के सभी ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित, सीलबंद और कड़ी निगरानी में हैं।

मुख्य घटनाक्रम

बेलियाघाटा विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के संदर्भ में बयान जारी करते हुए बताया कि खुदीराम अनुशीलन केंद्र परिसर में कुल 7 विधानसभा क्षेत्रों के ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम हैं। मतदान समाप्त होने के बाद इन्हें उम्मीदवारों, उनके चुनाव एजेंटों और जनरल ऑब्जर्वर की मौजूदगी में विधिवत बंद और सील किया गया था।

अधिकारियों के अनुसार, अंतिम ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम बुधवार देर रात मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार सुबह करीब 5:15 बजे सील किया गया। सभी ईवीएम वाले स्ट्रॉन्ग रूम सुरक्षित रूप से बंद हैं और उन पर लगातार सुरक्षा निगरानी जारी है।

पोस्टल बैलेट छंटनी को लेकर भ्रम

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिस गतिविधि को सोशल मीडिया पर ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम खोलने के रूप में पेश किया गया, वह वास्तव में पोस्टल बैलेट की छंटनी की प्रक्रिया थी — जो तय नियमों के अंतर्गत की जा रही थी। रिटर्निंग ऑफिसर ने बताया कि इसी परिसर में एक अलग स्ट्रॉन्ग रूम पोस्टल बैलेट और ईटीबीपीएस मतपत्रों के लिए है।

गुरुवार शाम 4 बजे से पोस्टल बैलेट की छंटनी शुरू की गई, जो ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर बने कॉरिडोर में की जा रही थी। मुख्य ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम इस दौरान पूरी तरह बंद और सीलबंद रहे।

राजनीतिक दलों को पूर्व सूचना

रिटर्निंग ऑफिसर ने बताया कि 28 अप्रैल को जिला निर्वाचन अधिकारी, कोलकाता नॉर्थ के मेमो के तहत ईमेल के ज़रिए सभी राजनीतिक दलों को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि 30 अप्रैल को शाम 4 बजे खुदीराम अनुशीलन केंद्र में पोस्टल बैलेट की छंटनी होगी।

इस संबंध में TMC के कुणाल घोष, माकपा की परमिता रॉय, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्थ चौधरी, कांग्रेस की शाहिना जावेद और एसयूसीआई (सी) की जयंती मित्रा समेत सभी उम्मीदवारों और उनके चुनाव एजेंटों को आधिकारिक सूचना भेजी गई थी।

अधिकारियों की अंतिम स्थिति

निर्वाचन अधिकारियों ने दोहराया कि पोस्टल बैलेट की छंटनी तय प्रक्रिया के अनुसार और सभी राजनीतिक दलों को सूचना देने के बाद शुरू की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम को किसी भी स्तर पर नहीं खोला गया और इस प्रक्रिया की जानकारी पहले ही सभी ऑब्जर्वरों, रिटर्निंग ऑफिसरों और राजनीतिक दलों को दे दी गई थी।

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल पहले से ही तनावपूर्ण है और मतगणना से पहले किसी भी असामान्य गतिविधि पर सभी दलों की पैनी नज़र है। आने वाले दिनों में मतगणना प्रक्रिया और उसकी पारदर्शिता ही इन विवादों का अंतिम जवाब देगी।

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि जब सभी दलों को 28 अप्रैल को ही सूचना दे दी गई थी, तो TMC नेताओं ने धरना क्यों दिया — क्या सूचना वास्तव में ज़मीनी स्तर तक पहुँची? बंगाल में चुनावी विवाद नए नहीं हैं, और हर बार संस्थागत स्पष्टीकरण राजनीतिक अविश्वास को पूरी तरह नहीं मिटा पाते। पोस्टल बैलेट की छंटनी और ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम एक ही परिसर में होना — भले ही अलग-अलग कमरों में हो — प्रशासनिक पारदर्शिता की दृष्टि से आदर्श नहीं है। मतगणना तक यह विवाद राजनीतिक हथियार बना रहेगा।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

बंगाल में ईवीएम छेड़छाड़ का विवाद क्या है?
30 अप्रैल को कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र में एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें कथित तौर पर स्ट्रॉन्ग रूम खोला जाता दिखा, जिसके बाद TMC नेताओं ने ईवीएम से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए धरना दिया। चुनाव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह गतिविधि पोस्टल बैलेट की छंटनी थी, न कि ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम खोलना।
खुदीराम अनुशीलन केंद्र में कितने ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम हैं?
खुदीराम अनुशीलन केंद्र परिसर में कुल 7 विधानसभा क्षेत्रों के ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम हैं। अधिकारियों के अनुसार, सभी स्ट्रॉन्ग रूम उम्मीदवारों, चुनाव एजेंटों और जनरल ऑब्जर्वर की उपस्थिति में सील किए गए।
पोस्टल बैलेट की छंटनी क्यों की जा रही थी और इसे ईवीएम से अलग क्यों रखा गया?
पोस्टल बैलेट की छंटनी एक अलग स्ट्रॉन्ग रूम में तय नियमों के तहत की जा रही थी और यह ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर बने कॉरिडोर में हो रही थी। मुख्य ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम इस पूरी प्रक्रिया के दौरान बंद और सीलबंद रहे।
क्या राजनीतिक दलों को पोस्टल बैलेट छंटनी की पूर्व सूचना दी गई थी?
हाँ, 28 अप्रैल को जिला निर्वाचन अधिकारी, कोलकाता नॉर्थ के मेमो के तहत ईमेल के ज़रिए सभी दलों को सूचित किया गया था। TMC के कुणाल घोष, BJP के पार्थ चौधरी, कांग्रेस की शाहिना जावेद, माकपा की परमिता रॉय और SUCI(C) की जयंती मित्रा समेत सभी उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिस भेजा गया था।
अब आगे क्या होगा — क्या ईवीएम सुरक्षित रहेंगी?
अधिकारियों के अनुसार सभी ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम लगातार सुरक्षा निगरानी में हैं और मतगणना तक सीलबंद रहेंगे। मतगणना की प्रक्रिया ही इन आरोपों का अंतिम जवाब देगी।
Nation Press