बड़ा दावा: पीयूष गोयल बोले — बंगाल और तमिलनाडु में बनेगी एनडीए सरकार

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बड़ा दावा: पीयूष गोयल बोले — बंगाल और तमिलनाडु में बनेगी एनडीए सरकार

सारांश

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई में दावा किया कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों में एनडीए सरकार बनेगी। ममता पर फर्जी वोटिंग का आरोप लगाते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया ने उस 'गारंटी' को खत्म कर दिया है।

Key Takeaways

  • केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 23 अप्रैल 2025 को मुंबई में दावा किया कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों में एनडीए सरकार बनेगी।
  • ममता बनर्जी पर आरोप लगाया कि वे घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं के वोट से चुनाव जीतती थीं।
  • SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से मृत व्यक्तियों के नाम हटाए गए, जिससे फर्जी वोटिंग रुकेगी।
  • तमिलनाडु में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के परिवार को सत्ता से बाहर होने का दावा किया गया।
  • बोरीवली में भाजपा उत्तर मुंबई द्वारा आरोग्य शिविर और निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा का शुभारंभ हुआ।
  • भगवती अस्पताल के अधूरे निर्माण पर गोयल ने चिंता जताई और मैटरनिटी अस्पताल अपग्रेड करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुंबई, 23 अप्रैल — केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान बड़ा दावा करते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों राज्यों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने ममता बनर्जी पर फर्जी मतदाताओं के सहारे चुनाव जीतने का सीधा आरोप लगाया।

ममता पर फर्जी वोटिंग का आरोप

पीयूष गोयल ने कहा कि ममता बनर्जी वर्षों से घुसपैठियों और फर्जी मतदाताओं के वोटों के बल पर चुनाव जीतती आई हैं। उनके अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया ने इस बार उस 'गारंटी' को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि SIR के तहत मतदाता सूची से मृत व्यक्तियों के नाम हटाए गए हैं, जिससे फर्जी मतदान की संभावना लगभग समाप्त हो गई है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में विपक्षी दल और चुनाव आयोग के बीच मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर तीखी बहस जारी है। टीएमसी पर SIR प्रक्रिया का विरोध करने के आरोप पहले से लगते रहे हैं।

तमिलनाडु में स्टालिन परिवार को सत्ता से बाहर करने का भरोसा

केंद्रीय मंत्री ने तमिलनाडु के संदर्भ में कहा कि वहां भी हालात बेहतर नहीं हैं और उन्हें पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन का परिवार सत्ता से बाहर हो जाएगा। गोयल ने दोनों राज्यों में परिवारवाद और कुशासन को मुख्य मुद्दा बताया।

गौरतलब है कि तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा और एनडीए गठबंधन अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश में है, जहां पारंपरिक रूप से द्रविड़ राजनीति का दबदबा रहा है।

बंगाल में भय और धमकी की राजनीति खत्म होगी — गोयल

पीयूष गोयल ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के परिवार ने पश्चिम बंगाल के आम नागरिकों को वर्षों तक डराने-धमकाने की रणनीति से दबाए रखा। उनका कहना था कि टीएमसी ने राज्य की कानून-व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। एनडीए सरकार बनने के बाद जनता शांति और सुकून से जीवन जी सकेगी।

यह बयान ऐसे राजनीतिक माहौल में आया है जब बंगाल में 2021 के चुनाव के बाद हुई हिंसा को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और अदालतें भी सरकार को कठघरे में खड़ा कर चुकी हैं।

भगवती अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिबद्धता

इसी दौरान पीयूष गोयल ने भगवती अस्पताल के अधूरे निर्माण पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल बहुत पहले ही बनकर तैयार और संचालित हो जाना चाहिए था। साथ ही उन्होंने क्षेत्र के मैटरनिटी अस्पताल को अपग्रेड करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

उन्होंने बोरीवली में भाजपा उत्तर मुंबई द्वारा आयोजित आरोग्य शिविर और निःशुल्क एम्बुलेंस सेवा के शुभारंभ का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, आयुष्मान भारत और जन औषधि केंद्र जैसी योजनाओं के जरिए स्वास्थ्य सेवाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं और यह नई एम्बुलेंस सेवा आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को और सशक्त करेगी।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों ही राज्यों में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा के लिए बंगाल एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य रहा है — 2021 में पार्टी को 77 सीटें मिली थीं, लेकिन सरकार बनाने से वह चूक गई थी। वहीं तमिलनाडु में भाजपा की सीधी उपस्थिति अभी भी सीमित है और पार्टी गठबंधन की राजनीति पर निर्भर है।

आने वाले महीनों में दोनों राज्यों में चुनावी सरगर्मी और तेज होने की उम्मीद है। एनडीए की रणनीति, उम्मीदवार चयन और गठबंधन समीकरण यह तय करेंगे कि पीयूष गोयल का यह दावा जमीन पर कितना सच साबित होता है।

Point of View

बल्कि 2026 के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत है। दिलचस्प यह है कि भाजपा बंगाल में 'SIR' को अपने सबसे बड़े हथियार के रूप में पेश कर रही है — यानी पार्टी मान रही है कि जमीनी संगठन से ज्यादा मतदाता सूची की शुद्धता उनके लिए गेम-चेंजर होगी। तमिलनाडु में भाजपा की सीधी उपस्थिति अभी भी कमजोर है, इसलिए 'स्टालिन परिवार बाहर होगा' वाला दावा जमीनी हकीकत से कहीं ज्यादा आकांक्षापूर्ण लगता है। असली सवाल यह है कि क्या भाजपा 2021 की गलतियों से सीखकर बंगाल में नया गठबंधन और नई रणनीति बना पाएगी — या यह बयानबाजी भी पिछले चुनावों जैसी साबित होगी?
NationPress
23/04/2026

Frequently Asked Questions

पीयूष गोयल ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु को लेकर क्या दावा किया?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दावा किया कि 2026 के विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु दोनों राज्यों में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने यह बयान मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।
SIR प्रक्रिया क्या है और बंगाल चुनाव पर इसका क्या असर होगा?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक चुनाव आयोग की प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची से मृत, फर्जी और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं। पीयूष गोयल के अनुसार, इस प्रक्रिया से बंगाल में फर्जी वोटिंग की संभावना खत्म हो गई है जिसका सीधा फायदा एनडीए को मिलेगा।
क्या भाजपा ने पहले भी बंगाल में सरकार बनाने का दावा किया था?
हां, 2021 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने बंगाल जीतने का दावा किया था, लेकिन पार्टी को 77 सीटें मिलीं और टीएमसी ने 213 सीटों के साथ सरकार बनाई। 2026 में भाजपा नई रणनीति और SIR प्रक्रिया के सहारे फिर से मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।
पीयूष गोयल ने भगवती अस्पताल के बारे में क्या कहा?
पीयूष गोयल ने दुख जताया कि भगवती अस्पताल का निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ है, जबकि यह बहुत पहले ही तैयार और चालू हो जाना चाहिए था। उन्होंने क्षेत्र के मैटरनिटी अस्पताल को अपग्रेड करने की भी प्रतिबद्धता जताई।
तमिलनाडु में एनडीए की स्थिति कैसी है?
तमिलनाडु में भाजपा की सीधी राजनीतिक उपस्थिति सीमित है और पार्टी मुख्यतः गठबंधन की राजनीति पर निर्भर है। 2026 के चुनाव से पहले गोयल ने स्टालिन परिवार को सत्ता से बाहर करने का दावा किया है, लेकिन जमीनी समीकरण अभी भी द्रविड़ दलों के पक्ष में माने जाते हैं।
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