क्या बंगाली सिंगर लग्नजीता चक्रवर्ती के साथ बदसलूकी निंदनीय नहीं है? प्रतुल शाहदेव

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क्या बंगाली सिंगर लग्नजीता चक्रवर्ती के साथ बदसलूकी निंदनीय नहीं है? प्रतुल शाहदेव

सारांश

पश्चिम बंगाल में गायिका लग्नजीता चक्रवर्ती के साथ हुए बदसलूकी की घटना ने भाजपा नेताओं को आक्रोशित कर दिया है। प्रतुल शाहदेव ने इसे शर्मनाक बताते हुए टीएमसी के शासन की आलोचना की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। जानें इस विवाद के पीछे की सच्चाई।

मुख्य बातें

बंगाली सिंगर लग्नजीता चक्रवर्ती का उत्पीड़न गंभीर है।
प्रतुल शाहदेव ने इसे शर्मनाक बताया है।
टीएमसी पर राजनीतिक आरोप लग रहे हैं।
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
यह घटना सांस्कृतिक असहिष्णुता को दर्शाती है।

रांची, 22 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में बंगाली सिंगर लग्नजीता चक्रवर्ती के साथ हुई बदसलूकी का मामला अब एक बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शासन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "यह एक बेहद शर्मनाक घटना है। दुर्गा माता आस्था का प्रतीक हैं, और उनका सम्मान किया जाना चाहिए। जब एक गायिका, जो माता के गीत गा रही है, का उत्पीड़न किया जाता है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।"

उन्होंने आगे कहा, "पश्चिम बंगाल में हिंदुओं को टारगेट करना कोई नई बात नहीं है। टीएमसी के लोग जिहादी मानसिकता से भरे हुए हैं और यह एक सनातन विरोधी सरकार है। पहले भी उनके विधायक ने बाबरी मस्जिद बनाने की घोषणा की थी, जिसके बाद उन्हें पार्टी से निकाला गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।"

प्रतुल शाहदेव ने हुमायूं कबीर के नई पार्टी बनाने और आगामी विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के ऐलान पर कहा, "यह टीएमसी की सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की रणनीति का हिस्सा है। हुमायूं कबीर जो कर रहे हैं, वह ममता बनर्जी और टीएमसी के इशारों पर है।"

प्रतुल ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के हालिया बयान का समर्थन करते हुए कहा, "हुमायूं कबीर के द्वारा उठाया गया बाबरी मस्जिद का मुद्दा टीएमसी के मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण का हिस्सा है। निलंबित विधायक की गिरफ्तारी न होना साफ दिखाता है कि सरकार और उसकी मिलीभगत है।"

उन्होंने कहा, "संघ एक राष्ट्रवादी संगठन है, जिसे किसी के सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है। अब संघ अपने 100वें वर्ष में पहुंच चुका है, और यह संगठन हमेशा राष्ट्रहित में काम करता रहेगा।"

संपादकीय दृष्टिकोण

जो समाज में धार्मिक ध्रुवीकरण और सांस्कृतिक असहिष्णुता को उजागर करती है। हमारे देश में सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए, और किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की निंदा की जानी चाहिए। यह समय है कि हम सभी मिलकर एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण करें।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या इस मामले में कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया आई है?
हां, भाजपा के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और टीएमसी को जिम्मेदार ठहराया है।
बदसलूकी के मामले में क्या कार्रवाई की गई है?
भाजपा नेता दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
क्या यह मामला केवल एक व्यक्तिगत घटना है?
नहीं, यह घटना राजनीतिक और सांस्कृतिक संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है, जो समाज में धार्मिक ध्रुवीकरण को उजागर करती है।
राष्ट्र प्रेस
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