क्या बेंगलुरु में बड़ा डेटा चोरी कांड हुआ? एमेडियस सॉफ्टवेयर के पूर्व कर्मचारी ने सोर्स कोड चुराया, 87 करोड़ का नुकसान

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क्या बेंगलुरु में बड़ा डेटा चोरी कांड हुआ? एमेडियस सॉफ्टवेयर के पूर्व कर्मचारी ने सोर्स कोड चुराया, 87 करोड़ का नुकसान

सारांश

बेंगलुरु में एक गंभीर डेटा चोरी कांड ने आईटी उद्योग में चिंता बढ़ा दी है। पूर्व कर्मचारी द्वारा चुराए गए सोर्स कोड से कंपनी को 87 करोड़ का नुकसान हुआ है। क्या यह घटना डेटा सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े करेगी?

Key Takeaways

  • डेटा सुरक्षा का महत्व
  • इनसाइडर खतरों की पहचान करना आवश्यक है
  • बौद्धिक संपदा का संरक्षण
  • आंतरिक जांच की प्रक्रिया
  • कानूनी कार्रवाई की आवश्यकताएँ

बेंगलुरु, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बेंगलुरु की आईटी राजधानी में एक महत्वपूर्ण डेटा चोरी का मामला प्रकाश में आया है, जिसने सॉफ्टवेयर उद्योग में डेटा सुरक्षा, इनसाइडर खतरों और बौद्धिक संपदा (आईपी) की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।

एमेडियस सॉफ्टवेयर लैब्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने आरोप लगाया है कि कंपनी के पूर्व कर्मचारी आशुतोष निगम ने गोपनीय सोर्स कोड और अन्य संवेदनशील डेटा चुराया। इस चोरी से कंपनी को लगभग 8 मिलियन यूरो (लगभग 87 करोड़ रुपए) का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

बेंगलुरु सिटी पुलिस के व्हाइटफील्ड सीईएन क्राइम पुलिस स्टेशन में क्राइम नंबर 0050/2026 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर के अनुसार, आशुतोष निगम कंपनी में सीनियर मैनेजर - रिसर्च साइंटिस्ट के पद पर फरवरी 2020 से कार्यरत थे। घटना 11 अक्टूबर 2025 को हुई, जब आरोपी ने अपने व्यक्तिगत ईमेल अकाउंट का उपयोग कर बिना अनुमति के कंपनी का गोपनीय डेटा ट्रांसफर किया। यह डेटा कंपनी के कोर सॉफ्टवेयर और ट्रैवल टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस से संबंधित था, जो एमेडियस की वैश्विक सेवाओं के लिए आवश्यक है।

कंपनी को संदेह होने पर आंतरिक जांच शुरू की गई। पूछताछ के दौरान आशुतोष निगम ने एक वीडियो रिकॉर्डिंग में डेटा चोरी की बात स्वीकार की। कंपनी ने 3 दिसंबर 2025 को उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया। कंपनी का दावा है कि चुराए गए सोर्स कोड और संबंधित डेटा का बाजार मूल्य 8 मिलियन यूरो है। इससे न केवल आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि बौद्धिक संपदा अधिकारों पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है, जो कंपनी के ग्राहकों, प्रतिस्पर्धा और नवाचार को प्रभावित कर सकता है।

पुलिस ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 65 (कंप्यूटर सिस्टम में बदलाव), 66 (कंप्यूटर संसाधनों का दुरुपयोग), 66(सी) (पहचान की चोरी) और 66(डी) (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच प्रारंभ हो चुकी है और पुलिस ने कोर्ट में प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की है। जांच में डेटा ट्रांसफर के तरीके, संभावित प्राप्तकर्ता और डेटा के आगे उपयोग की पड़ताल की जा रही है।

यह मामला आईटी क्षेत्र में बढ़ते इनसाइडर खतरों का एक बड़ा उदाहरण है, जहां पूर्व कर्मचारी प्रतिस्पर्धी कंपनियों या व्यक्तिगत लाभ के लिए डेटा चुराते हैं। बेंगलुरु में पिछले वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, लेकिन इसकी मात्रा और एमेडियस जैसी वैश्विक कंपनी की प्रतिष्ठा को देखते हुए यह मामला काफी सनसनीखेज है। एमेडियस ट्रैवल उद्योग के लिए प्रमुख तकनीकी प्रदाता है, और सोर्स कोड चोरी से उनके उत्पादों की सुरक्षा पर प्रश्न उठ सकते हैं।

Point of View

कंपनियों को अपनी सुरक्षा उपायों को सख्त करने की आवश्यकता है।
NationPress
10/02/2026

Frequently Asked Questions

यह डेटा चोरी कब हुई?
यह घटना 11 अक्टूबर 2025 को हुई।
कंपनी को कितना नुकसान हुआ?
कंपनी को लगभग 87 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
क्या आरोपी ने अपनी गलती स्वीकार की?
हाँ, आरोपी ने पूछताछ के दौरान डेटा चोरी की बात कबूल की।
किस धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है?
यह मामला भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
यह मामला आईटी क्षेत्र में इनसाइडर खतरों के बढ़ते उदाहरणों को उजागर करता है।
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