क्या भाई को पीटने के बदले किया गया कत्ल? दिल्ली पुलिस ने तीन भाईयों को क्यों किया गिरफ्तार?
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली में दिनदहाड़े हुई हत्या की वारदात
- तीन सगे भाई गिरफ्तार
- मामले में तकनीकी निगरानी की गई
- आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल किया
- बिहार के बेगूसराय से गिरफ्तारी
नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने तीन खूंखार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि इनकी गिरफ्तारी बिहार से हुई है। तीनों आरोपी सगे भाई हैं जो दिल्ली के नरेला क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई एक क्रूर हत्या के बाद फरार थे।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, जेजे कॉलोनी में कुछ युवकों के बीच कहासुनी हुई थी। इस दौरान, आरोपी मनीष और राजेश ने अकबर नामक युवक और उसके भाई को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। 20 सितंबर 2025 को यह धमकी एक जानलेवा हकीकत में बदल गई। मनीष ने अपने दो भाइयों और साथियों के साथ मिलकर एक सोची-समझी योजना के तहत अकबर पर हमला किया। इस बर्बर हमले में उसके करीबी दोस्त बादशाह को बेरहमी से कई बार चाकू मारा गया। वह मौके पर गिर गया और बाद में उसकी मौत हो गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।
हत्या के तुरंत बाद आरोपी फरार हो गए। जांच के दौरान, मनीष, राजेश और राजा को अपराध में सक्रिय रूप से शामिल पाया गया।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया जो हमलावरों के बारे में सुराग जुटाने के लिए काम कर रही थी। टीम ने मामले के सभी पहलुओं पर ध्यान दिया और मैन्युअल तथा तकनीकी जानकारी इकट्ठा की। शुरुआती जांच में पता चला कि मनीष का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज थे। यह भी पता चला कि तीनों आरोपी सगे भाई हैं और बिहार के निवासी हैं।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपी घटना की तारीख से लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। तकनीकी निगरानी की गई, स्थानीय जानकारी इकट्ठा की गई और कई ठिकानों पर टीमें लगाई गईं। इसके अलावा, खुफिया जानकारी मिली कि आरोपी बिहार के बेगूसराय जिले में छिपे हुए हैं। इसके बाद एक टीम बिहार भेजी गई जिसने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल किया है। मनीष ने बताया कि अकबर उनसे दुश्मनी रखता था और बदला लेना चाहता था। कुछ महीने पहले अकबर और राजेश के बीच झगड़ा हुआ था जिसमें राजेश को चोटें आई थीं। इसलिए, उसने अपने भाइयों और अन्य साथियों के साथ मिलकर अकबर और उसके दोस्तों को खत्म करने का निर्णय लिया और उन पर चाकू से हमला किया। हत्या के बाद तीनों मौके से भाग गए और बिहार में छिप गए। फिलहाल, दिल्ली पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।