भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: मध्य प्रदेश में कपास के दामों पर खतरनाक असर
सारांश
Key Takeaways
- भारत-अमेरिका व्यापार समझौता किसानों के लिए हानिकारक साबित हो रहा है।
- कपास के दामों में ११ प्रतिशत की गिरावट हुई है।
- किसान महापंचायत का आयोजन किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए किया जा रहा है।
- किसानों पर पौने दो लाख करोड़ का कर्ज है।
- कांग्रेस पार्टी किसानों के हितों के लिए आवाज उठाने का प्रयास कर रही है।
भोपाल, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापारिक समझौते को किसानों के लिए हानिकारक करार दिया। उनका कहना है कि इस समझौते के परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश में कपास के दामों में ११ प्रतिशत की गिरावट आई है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं। वह यहां किसानों की समस्याओं को लेकर किसान महापंचायत आयोजित कर रहे हैं।
उमंग सिंघार ने कहा कि अमेरिका के साथ हुआ यह व्यापारिक समझौता न केवल देश के लिए, बल्कि मध्य प्रदेश के किसानों के लिए भी नुकसानदायक सिद्ध होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बाहर से फसलें सस्ती आएंगी, तो क्या यहां के समर्थन मूल्य में गिरावट नहीं आएगी?
उन्होंने आगे कहा कि जिस दिन अमेरिका के साथ यह डील हुई, उसी दिन कपास के दाम ११ प्रतिशत गिर गए थे। मध्य प्रदेश के सरसों और सोयाबीन के किसानों का क्या होगा, और कपास के किसानों की स्थिति का क्या? ये सभी मुद्दे देश के लिए महत्वपूर्ण हैं। किसानों का मुद्दा अत्यंत गंभीर है।
उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के हितों की रक्षा के लिए उनकी आवाज को उठाने के लिए प्रयासरत है। देश का एक बड़ा हिस्सा कृषि के क्षेत्र में कार्यरत है। यह फैसला किसानों के लिए दुखद है। अब सवाल यह उठता है कि क्यों केंद्र सरकार किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर रही है? किसान पहले से ही कर्ज में दबे हुए हैं। राज्य के किसानों पर पौने दो लाख करोड़ का कर्ज है। सरकार इस विषय पर विचार नहीं कर रही। कांग्रेस नेता राहुल गांधी किसानों की आवाज को उठाने के लिए मध्य प्रदेश आए हैं। किसान महापंचायत की शुरुआत मध्य प्रदेश से हो रही है। किसानों और युवाओं को इसमें शामिल होना चाहिए, क्योंकि यह केवल कांग्रेस की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे किसान और युवा वर्ग की लड़ाई है।