क्या भारत और क्यूबा ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई?
सारांश
Key Takeaways
- भारत और क्यूबा ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
- 1960 से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध हैं।
- क्यूबा के उप प्रधानमंत्री की भारत यात्रा हुई।
- भारत ने क्यूबा को मानवीय सहायता भेजी।
- दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में सहयोग जारी है।
नई दिल्ली, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत और क्यूबा ने आपसी सहयोग और एकता के आधार पर अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देने की प्रतिबद्धता को पुनः व्यक्त किया है। यह संकल्प दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 66वीं वर्षगांठ के अवसर पर किया गया।
भारत और क्यूबा के बीच राजनयिक संबंध 1960 में स्थापित हुए थे। क्यूबा की क्रांति को मान्यता देने वाले पहले एशियाई देशों में भारत शामिल था। प्रारंभिक समय में चे ग्वेरा और फिदेल कास्त्रो की भारत यात्राओं और जवाहरलाल नेहरू के साथ संवादों ने दोनों देशों के संबंधों को सशक्त किया।
पिछले वर्ष भारत-क्यूबा द्विपक्षीय संबंधों में महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिली। इसका एक प्रमुख उदाहरण ब्राजील में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल के बीच हुई मुलाकात रही।
उच्च स्तरीय आदान-प्रदान के तहत क्यूबा के उप प्रधानमंत्री एडुआर्डो मार्टिनेज डियाज की भारत यात्रा और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा की क्यूबा यात्रा भी हुई। इन यात्राओं में कानूनी और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
भारत क्यूबा के फार्मास्युटिकल क्षेत्र में एक प्रमुख साझेदार है। दोनों देश बायोटेक्नोलॉजी, सूचना प्रौद्योगिकी, पर्यटन, कृषि, ऊर्जा और खनन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं की खोज कर रहे हैं। क्षमता निर्माण क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ा है, जिसमें क्यूबा के पेशेवर आईटीईसी कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य, पारंपरिक चिकित्सा और आपदा प्रबंधन में भी नए प्रयास किए जा रहे हैं।
शैक्षणिक, सांस्कृतिक, खेल और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग ने भी वर्ष भर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत किया। दोनों देशों ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्ष 2026 में यह साझेदारी और भी सशक्त होगी, खासकर भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता से नए अवसरों का सृजन होगा।
नवंबर में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ अर्थात सारा विश्व एक परिवार है, की भावना के तहत भारत ने तूफान मेलिसा से प्रभावित क्यूबा के लोगों के साथ एकजुटता दिखाई। भारत ने हवाना को लगभग 20 टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री भेजी, जिससे दोनों देशों के बीच मित्रता और मानवता के संबंध और भी गहरे हुए।
इस सहायता में ‘भारत हेल्थ इनिशिएटिव फॉर सहयोग, हित और मित्रता’ चिकित्सा ट्रॉमा यूनिट, आवश्यक दवाइयां, बिजली जनरेटर, टेंट, बिस्तर, रसोई और स्वच्छता किट, सोलर लैंटर्न और अन्य आवश्यक सामग्री शामिल थी।
क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो एडुआर्डो रोड्रिगेज़ पैरिल्ला ने भारत के प्रति आभार जताते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “हम तूफान मेलिसा से प्रभावित क्यूबा के पूर्वी हिस्सों के पीड़ितों के लिए भेजी गई सहायता सामग्री के लिए भारत का धन्यवाद करते हैं। भारत सरकार की इस मानवीय पहल के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर का आभार।”