भारत में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग 92%25 पर पहुंची: पेट्रोलियम मंत्रालय
सारांश
Key Takeaways
- पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है।
- एलपीजी ऑनलाइन बुकिंग 92%25 तक पहुंची।
- कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता है।
- कमर्शियल एलपीजी आवंटन बढ़ाया गया है।
- जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
नई दिल्ली, 25 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। विश्वभर में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के प्रति मची हलचल के बीच भारत सरकार ने आश्वासन दिया है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और कच्चे तेल से लेकर प्राकृतिक गैस तक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। यह जानकारी पश्चिम एशिया में हाल ही के घटनाक्रमों पर आयोजित अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में दी गई।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शांति बहाली के लिए भारत द्वारा उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके से संवाद किया। भारत ने तनाव कम करने, शांति बहाली और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रखने की पहल की। इन वार्ताओं में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति पर समन्वय पर जोर दिया गया, जिसमें भारत-श्रीलंका सहयोग भी शामिल है। भारत ईरान समेत अन्य क्षेत्रीय साझेदारों के संपर्क में है और अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर रहा है।
वहीं, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी राजदूत से मुलाकात की। कई भारतीय नागरिक आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते लौटे हैं, जिसके लिए ईरान को धन्यवाद दिया गया।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव राजेश सिन्हा ने बताया कि वर्तमान में 20 भारतीय जहाज पर्शियन गल्फ क्षेत्र में हैं, जिनमें 500 से ज्यादा भारतीय नाविक हैं। उन्होंने कहा, "पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज या नाविक से संबंधित कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है। 20 भारतीय जहाज वर्तमान में पर्शियन गल्फ क्षेत्र में सक्रिय हैं, और इन पर 540 भारतीय नाविक हैं, जो सभी सुरक्षित हैं। संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।"
अंतर मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने विभाग की तैयारियों और एलपीजी-पीएनजी से संबंधित सवालों का उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता है और रिफाइनरियां अपनी अधिकतम क्षमता पर कार्यरत हैं। देश में सालाना लगभग 26 करोड़ टन कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता है। हाल के दिनों में कुछ स्थानों पर पेट्रोल पंपों पर लाइनें और पैनिक बाइंग देखी गई, लेकिन पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। सभी पंपों और सप्लाई टर्मिनलों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
शर्मा ने आगे कहा कि पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) और सीएनजी की आपूर्ति सामान्य है। सरकार पीएनजी के विस्तार पर ध्यान दे रही है और कई कदम उठाए गए हैं। लगभग 2.2 लाख उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी में परिवर्तित हो चुके हैं और करीब 2.5 लाख नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। एलपीजी के मामले में किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर पर ड्राई-आउट नहीं है (एलपीजी उपलब्ध है)। ऑनलाइन बुकिंग लगभग 92 फीसदी तक पहुंच गई है।
सरकार ने कमर्शियल एलपीजी का आवंटन 20 फीसदी से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया है, ताकि ढाबे, होटल, कैंटीन, कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता मिल सके। अब तक 26 राज्यों ने करीब 22,000 टन कमर्शियल एलपीजी आवंटित किया है। इसके तहत 5 किलो के सिलेंडरों की भी बड़ी संख्या में उपलब्धता कराई गई है। जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है। हाल ही में 2700 से अधिक छापे मारे गए हैं और लगभग 2000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।