भारत में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों का 45%25 हिस्सा दोपहिया वाहनों से: हर्ष मल्होत्रा

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भारत में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों का 45%25 हिस्सा दोपहिया वाहनों से: हर्ष मल्होत्रा

सारांश

भारत में सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा गंभीर है, हर साल 1.8 लाख लोग इस कारण मरते हैं। मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने युवाओं से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील की है। जानिए इस मुद्दे पर उनकी और क्या राय है।

Key Takeaways

  • दोपहिया वाहनों का सड़क दुर्घटनाओं में बड़ा योगदान है।
  • सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता आवश्यक है।
  • सरकार मोटर वाहन नियमों को सख्ती से लागू कर रही है।
  • पीएम राहत योजना और राह-वीर योजना दुर्घटना पीड़ितों की मदद करती है।
  • तकनीक का उपयोग सड़क सुरक्षा में महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत में सड़क दुर्घटनाओं का मुद्दा गंभीर बनता जा रहा है। हर वर्ष लगभग 1.8 लाख लोग इस कारण अपनी जान गंवाते हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने जानकारी दी है कि इन मौतों में से लगभग 45 प्रतिशत घटनाएं दोपहिया वाहनों से संबंधित हैं। उन्होंने युवाओं से अनुरोध किया कि वे सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहें और दूसरों के लिए मिसाल कायम करें।

मंत्री ने पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित ‘उत्तराखंड एडवेंचर राइड’ के तीसरे संस्करण का उद्घाटन करते हुए यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए जागरूकता बेहद आवश्यक है। यह देशभर में जिम्मेदारी से सड़क का उपयोग करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सड़कों का विकास और आधुनिकीकरण तेजी से हो रहा है, लेकिन सड़क पर सुरक्षित रहना लोगों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी भी है, और यह उनके व्यवहार पर निर्भर करता है।

मंत्री ने साझा किया कि सरकार सड़क इंजीनियरिंग को सुधार रही है, खतरनाक स्थानों (ब्लैक स्पॉट) को ठीक किया जा रहा है, और ‘मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019’ जैसे कानूनों के माध्यम से नियमों का पालन कड़ाई से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, आपातकालीन सेवाओं को भी अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

उन्होंने ‘पीएम राहत योजना’ और ‘राह-वीर योजना’ का उल्लेख किया, जिनका लक्ष्य सड़क दुर्घटना के शिकार व्यक्तियों को त्वरित सहायता प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि बचपन से ही सुरक्षित ड्राइविंग की आदत डालना महत्वपूर्ण है, ताकि देश में सड़क अनुशासन की एक मजबूत संस्कृति का निर्माण हो सके।

मल्होत्रा ने उत्तराखंड एडवेंचर राइड के आयोजन के लिए पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की प्रशंसा की, जो विभिन्न व्यक्तियों और संस्थाओं को एक साथ लाने का कार्य कर रहा है। यह पहल एडवेंचर पर्यटन को जागरूकता के साथ जोड़ती है, जिससे समाज के विभिन्न हिस्सों तक सड़क सुरक्षा का महत्वपूर्ण संदेश पहुँचता है।

मंत्री ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की 4 ई रणनीति—इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट, एजुकेशन और इमरजेंसी केयर के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यही रणनीति भारत में सड़क सुरक्षा प्रणाली की मजबूत आधारशिला है।

मंत्री ने यह भी कहा कि सड़क सुरक्षा में तकनीक की भूमिका निरंतर बढ़ रही है। इसके लिए एआई आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आईटीएस), ऑटोमेटेड एनफोर्समेंट सिस्टम और फास्ट टैग जैसी सुविधाओं का उपयोग किया जा रहा है, जिससे यातायात को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाया जा रहा है।

Point of View

खासकर युवा वर्ग के लिए।
NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

भारत में सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण क्या है?
दोपहिया वाहनों की वजह से होने वाले हादसे मुख्य कारण हैं, जो सड़क दुर्घटनाओं में 45 प्रतिशत योगदान देते हैं।
क्या सरकार सड़क सुरक्षा के लिए कुछ कर रही है?
जी हाँ, सरकार सड़क इंजीनियरिंग और नियमों के पालन को सुधारने के लिए कई कदम उठा रही है।
कैसे हम सड़क पर सुरक्षित रह सकते हैं?
सड़क पर सुरक्षित रहने के लिए नियमों का पालन करना और सावधानी बरतना आवश्यक है।
क्या युवा सड़क सुरक्षा में भूमिका निभा सकते हैं?
बिल्कुल, युवा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सड़क सुरक्षा के लिए क्या किया है?
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सड़क का विकास और आधुनिकीकरण तेज़ी से हुआ है, जिससे सड़क सुरक्षा में सुधार हुआ है।
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