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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया, 'भारत ने परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया, 'भारत ने परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की'

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया कि भारत ने अपने सिविल न्यूक्लियर कार्यक्रम के दूसरे चरण में बड़ी सफलता हासिल की है। कलपक्कम में निर्मित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी की स्थिति प्राप्त की है, जो देश की वैज्ञानिक क्षमता को दर्शाता है।

मुख्य बातें

भारत ने अपने सिविल न्यूक्लियर कार्यक्रम के दूसरे चरण में सफलता हासिल की।
कलपक्कम में निर्मित फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी की स्थिति प्राप्त की।
यह रिएक्टर अधिक ईंधन उत्पन्न करने की क्षमता रखता है।
यह भारत की वैज्ञानिक क्षमताओं का प्रमाण है।
भारत अब फास्ट ब्रीडर रिएक्टर संचालित करने वाला दूसरा देश बनने की राह पर है।

नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने बताया कि आज, भारत अपनी सिविल न्यूक्लियर यात्रा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है, अपने परमाणु कार्यक्रम के दूसरे चरण को आगे बढ़ाते हुए।

पीएम मोदी ने कहा कि कलपक्कम में देश में डिजाइन और निर्मित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी की स्थिति प्राप्त कर ली है।

उन्होंने आगे लिखा कि यह उन्नत रिएक्टर, जो अपनी खपत से अधिक ईंधन उत्पन्न कर सकता है, हमारी वैज्ञानिक क्षमताओं की गहराई और हमारे इंजीनियरिंग प्रयासों की ताकत को प्रदर्शित करता है। यह कार्यक्रम के तीसरे चरण में हमारे विशाल थोरियम भंडार के उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह भारत के लिए गर्व का क्षण है। हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को बधाई।

पीएम मोदी ने इस उपलब्धि को भारत की नागरिक परमाणु यात्रा का सबसे निर्णायक कदम बताया और स्पष्ट किया कि यह उन्नत रिएक्टर हमारे वैज्ञानिक कौशल की गहराई का प्रमाण है। क्रिटिकैलिटी की स्थिति में आने से भारत अपनी खपत से कहीं अधिक ईंधन उत्पन्न करने की क्षमता हासिल कर सकता है। भारत ने अब थोरियम का उत्पादन करने में सफलता प्राप्त कर ली है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व, मार्च 2024 में पीएम मोदी ने इसी रिएक्टर के 'कोर लोडिंग' प्रक्रिया का निरीक्षण किया था, जो इसके संचालन की दिशा में पहला बड़ा कदम था। अब क्रिटिकैलिटी की स्थिति प्राप्त करने के साथ, भारत रूस के बाद व्यावसायिक रूप से फास्ट ब्रीडर रिएक्टर संचालित करने वाला दुनिया का दूसरा देश बनने की राह पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के मेहनत और प्रतिभा का प्रमाण है। यह कदम न केवल भारत की ऊर्जा स्वायत्तता को बढ़ावा देगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी हमें एक प्रमुख स्थान दिलाएगा।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्रिटिकैलिटी क्या है?
क्रिटिकैलिटी एक स्थिति है जब कोई न्यूक्लियर रिएक्टर अपने ईंधन से अधिक ऊर्जा उत्पन्न करने की क्षमता प्राप्त कर लेता है।
फास्ट ब्रीडर रिएक्टर का क्या महत्व है?
फास्ट ब्रीडर रिएक्टर अधिक ऊर्जा उत्पन्न करता है और यह थोरियम जैसे नवीकरणीय संसाधनों का उपयोग कर सकता है।
भारत का परमाणु कार्यक्रम कब शुरू हुआ?
भारत का परमाणु कार्यक्रम 1944 में स्थापित हुआ था और तब से यह धीरे-धीरे विकसित हुआ है।
इस उपलब्धि से भारत को क्या लाभ होगा?
इस उपलब्धि से भारत को ऊर्जा में आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मकता में वृद्धि होगी।
क्या यह रिएक्टर पर्यावरण के लिए सुरक्षित है?
जी हां, यह रिएक्टर उच्च सुरक्षा मानकों के साथ डिज़ाइन किया गया है और ऊर्जा उत्पादन के दौरान कम प्रदूषण पैदा करता है।
राष्ट्र प्रेस
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