26 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति की दिशा में जल्द बढ़ेंगे दोनों पक्ष?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति की दिशा में जल्द बढ़ेंगे दोनों पक्ष?

सारांश

भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल की पांच दिवसीय यात्रा के बाद चौथे दौर की वार्ता सफल रही। जानिए इस समझौते से दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में क्या बदलाव आएंगे।

मुख्य बातें

भारत और न्यूजीलैंड के बीच चौथे दौर की बातचीत सफल रही।
मुक्त व्यापार समझौते से व्यापार में वृद्धि की उम्मीद है।
कृषि और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों का निर्माण होगा।
दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध मजबूत होंगे।
सप्लाई चेन को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।

नई दिल्ली, ८ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने न्यूजीलैंड की अपनी पांच दिवसीय यात्रा समाप्त कर ली है। इसके साथ ही, भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर चौथे दौर की वार्ता ऑकलैंड और रोटोरुआ में पूरी हो गई है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पांच दिनों तक उत्पादक संवाद हुआ।

केंद्रीय मंत्री गोयल और उनके समकक्ष टॉड मैकक्ले ने न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान इस चौथे दौर की बातचीत में प्रगति की सराहना की। दोनों पक्षों ने आधुनिक, व्यापक और भविष्य के लिए तैयार एफटीए की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता जताई है।

मंत्रालय के अनुसार, दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, आर्थिक एवं व्यापारिक सहयोग और उत्पत्ति के नियमों सहित महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

दोनों पक्षों ने समावेशी और सतत विकास को बढ़ावा देते हुए आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और दोनों देशों के लिए लाभकारी साझेदारी बनाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश वैश्विक समृद्धि और सुरक्षित सप्लाई चेन में योगदान देने वाली महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदारियों की स्थापना के प्रति प्रतिबद्ध है।

आधिकारिक बयान के अनुसार, वित्त वर्ष २०२४-२५ में भारत का न्यूजीलैंड के साथ द्विपक्षीय व्यापार १.३ अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जो सालाना आधार पर ४९ प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। इस प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते से कृषि, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, शिक्षा और सेवाओं जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं के द्वार खुलने की उम्मीद है। इससे व्यवसायों और उपभोक्ताओं दोनों को लाभ होगा।

इसके अतिरिक्त, प्रस्तावित एफटीए से व्यापार प्रवाह में वृद्धि और निवेश संबंध मजबूत होंगे। यह साझेदारी सप्लाई चेन को सुदृढ़ करेगी और दोनों देशों के व्यवसायों को बेहतर पूर्वानुमान और बाजार पहुंच सुनिश्चित करेगी।

दोनों पक्षों ने इंटर-सेशनल कार्य के माध्यम से सभी विषयों पर गहन चर्चा जारी रखने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही, दोनों देश भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर जल्दी सहमति की दिशा में आगे बढ़ेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दोनों देशों के लिए नए अवसर भी उत्पन्न करेगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत बनाना और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
क्या इस समझौते से व्यापार में वृद्धि होगी?
जी हाँ, प्रस्तावित एफटीए से व्यापार प्रवाह में वृद्धि और निवेश संबंध मजबूत होंगे।
इस समझौते से कौन से क्षेत्रों में लाभ होगा?
कृषि, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, शिक्षा और सेवाओं जैसे क्षेत्रों में लाभ होगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले