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क्या ऑस्ट्रेलिया में एंटी-इमिग्रेशन विरोधों को लेकर भारत सरकार चिंतित है?

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क्या ऑस्ट्रेलिया में एंटी-इमिग्रेशन विरोधों को लेकर भारत सरकार चिंतित है?

सारांश

ऑस्ट्रेलिया में हाल ही में हुए एंटी-इमिग्रेशन प्रदर्शनों पर भारत सरकार की चिंताएं बढ़ रही हैं। विदेश मंत्रालय ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से संपर्क बनाए रखा है। जानिए इस मुद्दे पर क्या कुछ खास बातें सामने आई हैं।

मुख्य बातें

भारत सरकार ऑस्ट्रेलिया के एंटी-इमिग्रेशन प्रदर्शनों पर चिंतित है।
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय की संख्या लगभग 10 लाख है।
प्रदर्शनों में झड़पें भी हुईं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

नई दिल्ली, 5 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि ऑस्ट्रेलिया में हाल ही में हुए एंटी-इमिग्रेशन (प्रवासी-विरोधी) प्रदर्शनों पर भारत लगातार ऑस्ट्रेलियाई सरकार और प्रवासी संगठनों के संपर्क में है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारतीय उच्चायोग ने प्रदर्शन से पहले ही भारतीय समुदाय की चिंताओं को ऑस्ट्रेलियाई सरकार के साथ साझा किया था। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने आधिकारिक प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया कि ये प्रदर्शन वहां की विविधता-भरी समुदायों के लिए चिंता का विषय हैं।

जायसवाल ने कहा, “हम सब जानते हैं कि 31 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों में एंटी-इमिग्रेशन प्रदर्शन हुए। हमारे उच्चायुक्त और वाणिज्य दूतावास लगातार ऑस्ट्रेलियाई सरकार और प्रवासी समुदाय से संपर्क में हैं। जैसा कि आप जानते हैं, ऑस्ट्रेलिया में लगभग दस लाख भारतीय मूल के लोग निवास करते हैं। ऑस्ट्रेलियाई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से बहुसांस्कृतिक पहचान का समर्थन किया है और भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना की है। भारत सरकार भी मानती है कि विविधता ही हमारी ताकत है और हम ऑस्ट्रेलिया के साथ अपने व्यापक रणनीतिक साझेदारी संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

31 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न हिस्सों में हजारों लोग ‘मार्च फॉर ऑस्ट्रेलिया’ नाम से सड़कों पर उतरे और बड़े पैमाने पर आव्रजन (इमिग्रेशन) रोकने की मांग की। इन प्रदर्शनों में कई जगह झड़पें भी हुईं। मेलबर्न में प्रदर्शनकारियों, विरोध-प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ।

ऑस्ट्रेलियाई संघीय और राज्य सरकारों ने इन प्रदर्शनों की निंदा की। संचार मंत्री अनीका वेल्स ने इन्हें “भयानक दृश्य” बताते हुए कहा कि इनमें “ज्ञात नस्लवादी तत्व” शामिल थे।

सिडनी में करीब 8,000 लोग ऑस्ट्रेलियाई झंडे लेकर मार्च में शामिल हुए। वहीं, ब्रिस्बेन में भी हजारों लोगों ने आव्रजन कम करने की मांग उठाई और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज से असंतोष जताया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ऑस्ट्रेलिया में एंटी-इमिग्रेशन प्रदर्शन कब हुए?
31 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों में एंटी-इमिग्रेशन प्रदर्शन हुए।
भारत सरकार ने ऑस्ट्रेलिया के प्रदर्शन पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भारत सरकार ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से संपर्क बनाए रखा है और भारतीय समुदाय की चिंताओं को साझा किया है।
प्रदर्शनों में कितने लोग शामिल हुए?
सिडनी में करीब 8,000 लोग शामिल हुए थे।
राष्ट्र प्रेस
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