क्या भारतीय सेना ने त्रिपुरा प्रौद्योगिकी संस्थान में अपने हथियारों और क्षमताओं का प्रदर्शन किया?
सारांश
मुख्य बातें
अगरतला, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय सेना ने गुरुवार को त्रिपुरा प्रौद्योगिकी संस्थान (टीआईटी) में अपने अत्याधुनिक हथियारों और सैन्य उपकरणों की एक व्यापक प्रदर्शनी प्रस्तुत की। इस अवसर पर सेना की ताकत, पेशेवर दक्षता और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को विशेष रूप से उजागर किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि सेना दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में भारतीय सेना ने टीआईटी परिसर में शक्ति, गौरव और उद्देश्य का प्रतीक बनते हुए हथियारों का प्रदर्शन किया।
अगरतला स्थित टीआईटी में यह प्रदर्शनी भारतीय सेना की अल्बर्ट एक्का ब्रिगेड द्वारा आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों में देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण की भावना को प्रोत्साहित करना था।
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, कार्यक्रम में भारतीय सेना द्वारा उपयोग किए जाने वाले आधुनिक हथियारों, निगरानी प्रणालियों और संचालन से जुड़े उपकरणों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया।
सेना के जवानों ने टीआईटी के छात्रों को इन प्रणालियों की क्षमताओं और भूमिकाओं की जानकारी दी और साथ ही सैनिक जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने अनुशासन, समर्पण, साहस और निःस्वार्थ सेवा जैसे मूल्यों पर भी प्रकाश डाला।
छात्रों और शिक्षकों ने सेना के प्रतिनिधियों के साथ सक्रिय रूप से संवाद किया और भारतीय सेना की तकनीकी प्रगति तथा परिचालन तैयारियों को समझने में गहरी रुचि दिखाई।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रदर्शनी से छात्रों को सशस्त्र बलों और संबंधित क्षेत्रों में करियर सहित राष्ट्र सेवा के अवसरों को तलाशने की प्रेरणा मिली।
सेना अधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि युवा देश की रीढ़ हैं और भारत के भविष्य को आकार देने में उनकी अहम भूमिका है। ऐसे जनसंपर्क कार्यक्रमों का उद्देश्य नागरिक-सेना संबंधों को मजबूत करना और छात्रों को राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विकास में सकारात्मक योगदान के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय गौरव, एकता और मजबूत व आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।
इस बीच, 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में त्रिपुरा सेक्टर से लड़ने वाली अल्बर्ट एक्का ब्रिगेड ने 1 जनवरी को अगरतला में अपने 56वें स्थापना दिवस को श्रद्धापूर्ण समारोहों के साथ मनाया।
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, इस ब्रिगेड को युद्ध और शांति काल में दो सर्वोच्च वीरता पुरस्कार प्राप्त करने का विशिष्ट गौरव हासिल है। साथ ही, 1971 के भारत-पाक युद्ध का एकमात्र परमवीर चक्र भी इसी ब्रिगेड के नाम है।