भवानीपुर स्ट्रॉन्ग रूम विवाद: सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के 4 घंटे के दौरे को बताया 'ड्रामा'
सारांश
Key Takeaways
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने 1 मई 2026 को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भवानीपुर स्थित ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम दौरे को 'ड्रामा' करार दिया और कई गंभीर सवाल उठाए। अधिकारी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री का चार घंटे तक स्ट्रॉन्ग रूम में रुकना और चुनाव के दिन सुबह जल्दी घर से निकलना उनके सामान्य व्यवहार से बिल्कुल अलग है।
अधिकारी ने दौरे पर उठाए सवाल
पत्रकारों से बात करते हुए सुवेंदु अधिकारी ने कहा, "एक उम्मीदवार के तौर पर स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा करना आपत्तिजनक नहीं है, लेकिन जिस तरह से यह किया गया, वह सवाल खड़े करता है। चार घंटे तक वहाँ रुकने का क्या औचित्य था और इस दौरान मुख्यमंत्री का व्यवहार सामान्य नहीं था।" उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से अनावश्यक संदेह पैदा होता है, जबकि चुनाव प्रक्रिया पहले से निर्धारित नियमों के तहत चलती है।
अधिकारी ने यह भी कहा, "ममता बनर्जी कई बार सांसद और विधायक के चुनाव लड़ चुकी हैं, लेकिन इस बार उनके व्यवहार में बदलाव साफ नज़र आ रहा है। इस बदलाव के पीछे की वजह पर जनता और मीडिया को विचार करना चाहिए।"
ईवीएम सुरक्षा पर BJP का पक्ष
ईवीएम में छेड़छाड़ की आशंकाओं को खारिज करते हुए अधिकारी ने कहा, "चुनाव प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है। ईवीएम में एक विशिष्ट नंबर होता है और इसके साथ वीवीपैट प्रणाली भी जुड़ी होती है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के आरोप केवल भ्रम फैलाने के लिए लगाए जा रहे हैं।
विपक्षी आंदोलन की विफलता पर तंज
अधिकारी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के कुछ नेता आंदोलन और विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे थे, लेकिन वह पूरी तरह विफल हो गई। उन्होंने कहा, "इससे साफ है कि जनता का समर्थन उनके साथ नहीं है। ममता बनर्जी अपनी राजनीतिक जमीन खो रही हैं और आगामी चुनाव में हार की आशंका से इस तरह के कदम उठा रही हैं।" गौरतलब है कि भवानीपुर सीट ममता बनर्जी के लिए राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील मानी जाती है।
पुनर्मतदान और चुनाव आयोग पर रुख
पुनर्मतदान के मुद्दे पर अधिकारी ने कहा, "मगराहाट पश्चिम में पुनर्मतदान का फैसला सही है, लेकिन डायमंड हार्बर क्षेत्र में और अधिक बूथों पर भी ऐसा किया जाना चाहिए। केवल चार बूथों पर पुनर्मतदान पर्याप्त नहीं है।" साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली पर भरोसा जताते हुए कहा कि आयोग सीसीटीवी फुटेज, ऑब्जर्वर की रिपोर्ट और पीठासीन अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लेता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि BJP संस्थाओं पर सवाल उठाने की राजनीति में विश्वास नहीं करती। यह विवाद पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल को और अधिक गर्म करने की संभावना रखता है।