भोपाल के बड़े तालाब पर देश का पहला फ्लोटिंग तिरंगा, CM मोहन यादव ने नौका यात्रा का किया शुभारंभ
सारांश
मुख्य बातें
भोपाल के ऐतिहासिक बड़े तालाब ने 13 अगस्त 2026 को एक अभूतपूर्व दृश्य प्रस्तुत किया, जब स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बोट क्लब पर देश में पहली बार तालाब के बीचोबीच फ्लोटिंग तिरंगा स्थापित किया गया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वयं नौका में सवार होकर विशाल नौका तिरंगा यात्रा का शुभारंभ किया और देशसेवा का संदेश दिया।
मुख्य घटनाक्रम
बड़े तालाब के बोट क्लब पर आयोजित इस कार्यक्रम में चारों ओर तिरंगे का रंग छाया रहा। जल के मध्य स्थापित फ्लोटिंग तिरंगा देश में अपनी तरह का पहला प्रयोग बताया जा रहा है। इस यात्रा में कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग भी उपस्थित रहे। आयोजन में बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री यादव के उद्गार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में कहा कि बोट क्लब पर यह एक अद्भुत आयोजन है। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोकतंत्र फल-फूल रहा है और भारत ने दुनिया के सामने अपनी अलग पहचान बनाई है। दुनिया का सबसे युवा देश भारत अपनी क्षमता और सामर्थ्य के साथ समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर है।'
यादव ने समान नागरिक संहिता (UCC) का उल्लेख करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में इसे लागू किया जाने वाला है, जिससे राज्य देश के बड़े राज्यों की श्रेणी में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि इस संहिता के अंतर्गत हिंदू, मुस्लिम, पारसी और ईसाई — सभी के लिए समान कानून होगा और धर्म के आधार पर कोई भेद नहीं रहेगा।
खिलाड़ियों और सेना को सराहना
मुख्यमंत्री ने देश की तीनों सेनाओं के पराक्रम की प्रशंसा की और कहा कि भारत ने अभूतपूर्व सामर्थ्य हासिल किया है। उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उनका प्रदर्शन संकल्प शक्ति का प्रतीक है — वे जीवन-मृत्यु के संघर्ष के बीच भी अपने कौशल और दृढ़ता से सिद्धि प्राप्त करते हैं।
आयोजन का महत्व
यह आयोजन ऐसे समय में हुआ जब पूरे देश में स्वतंत्रता दिवस की तैयारियाँ जोरों पर थीं। बड़े तालाब पर फ्लोटिंग तिरंगे का यह प्रयोग न केवल राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना, बल्कि भोपाल को एक अनूठी पहचान भी दिलाई। गौरतलब है कि बड़ा तालाब एशिया की सबसे पुरानी कृत्रिम झीलों में से एक माना जाता है, जो इस आयोजन को ऐतिहासिक महत्व देता है। आने वाले दिनों में इस तरह के आयोजन अन्य राज्यों में भी प्रेरणा का स्रोत बन सकते हैं।