क्या सपा राज में थानों की नीलामी होती थी और अपराध चरम पर था? : भूपेंद्र चौधरी
सारांश
Key Takeaways
उन्नाव, 10 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने गुरुवार को उन्नाव के निराला नगर में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर तीखा प्रहार किया। इसके साथ ही उन्होंने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर बढ़ते विवाद पर विपक्ष को घेरा।
भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में उत्तर प्रदेश में थानों की नीलामी होती थी और अपराध अपने चरम पर था। वर्तमान में भाजपा सरकार में, अपराधी जेल में हैं और प्रदेश में अपराध लगभग समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को अपनी सरकार के अनुभव को याद करना चाहिए, जब थानों में अराजकता और अपराधियों का बोलबाला था। भाजपा ने पारदर्शी शासन की नींव रखी है और 8 वर्षों में भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में कार्य किया है।
उन्होंने इटावा में कथावाचक के साथ घटित घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह एक सभ्य समाज के लिए शर्मनाक है। भाजपा इस घटना की निंदा करती है और पार्टी का इससे कोई समर्थन नहीं है। भूपेंद्र चौधरी ने समाजवादी पार्टी पर जातिवाद और भेदभाव की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सपा का असली एजेंडा समाज को जाति के नाम पर विभाजित करना है, लेकिन प्रदेश की जनता अब सपा के असली चेहरे को पहचान चुकी है।
भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बिहार की मतदाता सूची पुनरीक्षण पर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि सीमावर्ती जिलों में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराए गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ जिलों में आधार कार्ड बनाने की दर 115-120 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो कि देश के औसत 94 प्रतिशत से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा कि इस मामले में धांधली हुई है और सरकार इसकी जांच कराएगी।