बांकीपुर उपचुनाव: भाजपा का अंतिम प्रचार में पूरा दमखम, तेजस्वी की देर से एंट्री पर विजय सिन्हा का तीखा तंज
सारांश
मुख्य बातें
पटना के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के अंतिम दौर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी पूरी चुनावी शक्ति झोंक दी है। 27 जुलाई 2026 को पार्टी के स्टार प्रचारकों ने ताबड़तोड़ जनसभाएँ, रोड शो और घर-घर संपर्क अभियान चलाकर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश तेज कर दी है। BJP का उम्मीदवार नीरज सिन्हा है, जिनके समर्थन में पार्टी के शीर्ष नेता मैदान में डटे हैं।
मुख्य प्रचारक और रणनीति
BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन स्वयं क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। उनके साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा, भोजपुरी कलाकार मनोज तिवारी, विजय सिन्हा और पवन सिंह सहित सभी प्रमुख स्टार प्रचारक लगातार जनसंपर्क में जुटे हैं। पार्टी का विशेष ध्यान शहरी मतदाताओं, युवाओं, महिलाओं, व्यापारियों और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं पर केंद्रित है।
बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय किया गया है। महिला मोर्चा, युवा मोर्चा और अन्य प्रकोष्ठों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया है। कार्यकर्ताओं को मतदान के दिन अधिकतम समर्थकों को बूथ तक पहुँचाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विजय सिन्हा का तेजस्वी पर तंज
बिहार सरकार के मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिन्हा ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की देर से हुई एंट्री पर तीखा तंज कसा। सिन्हा ने कहा, 'जब चुनाव प्रचार अपने अंतिम दौर में पहुँच गया है, तब तेजस्वी यादव मैदान में उतरे हैं। इससे साफ है कि विपक्ष ने बांकीपुर की जनता को गंभीरता से नहीं लिया।' उन्होंने यह भी कहा कि BJP का कार्यकर्ता शुरू से ही हर गली, हर बूथ और हर घर तक पहुँचा है और जनता का भरपूर समर्थन पार्टी को मिल रहा है।
तीन-कोणीय मुकाबला और विपक्ष की स्थिति
तेजस्वी यादव ने सोमवार से बांकीपुर में प्रचार की कमान संभाल ली है। RJD ने यहाँ से रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा है। वहीं, जन सुराज की ओर से स्वयं प्रशांत किशोर चुनावी मैदान में हैं। NDA के सभी घटक दलों ने BJP उम्मीदवार नीरज सिन्हा के प्रचार में मोर्चा संभाल लिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, प्रचार के अंतिम दौर में तीनों प्रमुख दलों की आक्रामक रणनीति के कारण बांकीपुर का यह उपचुनाव पूरी तरह प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं और हर दल इस उपचुनाव को अपनी राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन के रूप में देख रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि अंतिम दिनों का प्रचार और मतदाताओं से सीधा संपर्क मतदान के रुझान को प्रभावित करने में निर्णायक साबित हो सकता है।