13 अक्टूबर 2026
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बिहार कैबिनेट ने 23 प्रस्तावों को दी मंजूरी; सीएम सम्राट चौधरी ने गिनाईं केंद्र की मदद से हुई उपलब्धियाँ

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बिहार कैबिनेट ने 23 प्रस्तावों को दी मंजूरी; सीएम सम्राट चौधरी ने गिनाईं केंद्र की मदद से हुई उपलब्धियाँ

सारांश

बिहार कैबिनेट की बैठक में 23 प्रस्तावों की मंजूरी के बाद सीएम सम्राट चौधरी ने केंद्र से मिली ₹13 लाख करोड़ की सहायता, मेडिकल कॉलेजों की संख्या दोगुनी होने और 50 लाख 'लखपति दीदी' जैसी उपलब्धियाँ गिनाईं — और 2047 के विकसित भारत में बिहार की भूमिका को रेखांकित किया।

मुख्य बातें

बिहार कैबिनेट ने 12 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 23 एजेंडा प्रस्तावों को मंजूरी दी।
राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 13 से बढ़कर 31 और एमबीबीएस क्षमता 1,310 से बढ़कर 4,710 हुई।
दरभंगा में बिहार का दूसरा एम्स लगभग ₹2,000 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है।
बिहार को पिछले 12 वर्षों में केंद्र से लगभग ₹13 लाख करोड़ की सहायता मिली।
आयुष्मान भारत योजना से राज्य के लगभग 90 प्रतिशत परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।
50 लाख से अधिक महिलाएँ 'लखपति दीदी' बनीं; बेगूसराय-सूर्यगढ़ा के बीच छह-लेन सड़क सहित आठ नए पुलों का निर्माण जारी।

बिहार कैबिनेट ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में 23 एजेंडा प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में चौधरी ने केंद्र सरकार के सहयोग को राज्य की प्रगति का आधार बताते हुए पिछले 12 वर्षों में बिहार को मिली उपलब्धियों का विस्तृत लेखाजोखा प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री का केंद्र को धन्यवाद

मुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि 'डबल-इंजन सरकार' बिहार के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य मंत्रिपरिषद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करने का निर्णय लिया है, क्योंकि मोदी ने नेतृत्व की भूमिकाओं में 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। उन्होंने स्मरण दिलाया कि मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाला था, और बाद में 26 मई 2014 से प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं।

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा में विस्तार

स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए चौधरी ने बताया कि बिहार में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 13 से बढ़कर 31 हो गई है। इसके साथ ही एमबीबीएस छात्रों की प्रवेश क्षमता 1,310 से बढ़कर 4,710 हो गई है। उन्होंने दरभंगा में बिहार के दूसरे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के निर्माण का भी उल्लेख किया, जो पटना में स्थापित पहले एम्स के बाद राज्य की दूसरी बड़ी चिकित्सा संस्था होगी। दरभंगा एम्स परियोजना को लगभग ₹2,000 करोड़ की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा है।

केंद्र से मिली वित्तीय सहायता और जनकल्याण योजनाएँ

चौधरी ने बताया कि बिहार को पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार से लगभग ₹13 लाख करोड़ की सहायता प्राप्त हुई है। आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। महिला सशक्तिकरण के मोर्चे पर उन्होंने बताया कि विभिन्न आजीविका और आर्थिक स्वतंत्रता पहलों के माध्यम से 50 लाख से अधिक महिलाएँ 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं।

बुनियादी ढाँचे में तेज़ी

मुख्यमंत्री ने राज्य में जारी अवसंरचना परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आठ नए पुलों का निर्माण कार्य प्रगति पर है और पूर्व में अटकी हुई कई पुल परियोजनाओं को भी पुनः शुरू किया गया है। इनमें बक्सर, सोनपुर, भागलपुर और कहलगांव-कटैया क्षेत्र के कार्य शामिल हैं। इसके अलावा बेगूसराय और सूर्यगढ़ा के बीच छह-लेन की सड़क निर्माण की योजना भी है।

आगे की राह

चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार बिहार भर में कनेक्टिविटी बढ़ाने, सार्वजनिक सेवाओं को और बेहतर बनाने तथा विकास की गति तेज़ करने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगी। उन्होंने 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य में बिहार की महत्त्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिहार अभी भी मानव विकास सूचकांक में देश के निचले पायदानों पर है, जो यह सवाल उठाता है कि यह सहायता ज़मीनी रूपांतरण में कितनी उतरी। मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ना एक ठोस उपलब्धि है, किंतु स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता और डॉक्टर-मरीज़ अनुपात जैसे मानक अभी विस्तृत सार्वजनिक सत्यापन की प्रतीक्षा में हैं।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार कैबिनेट ने 12 अक्टूबर 2026 को किन प्रस्तावों को मंजूरी दी?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैबिनेट ने कुल 23 एजेंडा प्रस्तावों को मंजूरी दी। बैठक के बाद चौधरी ने केंद्र सरकार की सहायता से बिहार में हुए विकास कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
बिहार में मेडिकल कॉलेजों की संख्या कितनी बढ़ी है?
बिहार में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 13 से बढ़कर 31 हो गई है। साथ ही एमबीबीएस छात्रों की प्रवेश क्षमता 1,310 से बढ़कर 4,710 हो गई है, जो चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढाँचे में उल्लेखनीय विस्तार को दर्शाता है।
दरभंगा एम्स परियोजना क्या है और इसकी लागत कितनी है?
दरभंगा एम्स बिहार का दूसरा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान है, जो लगभग ₹2,000 करोड़ की अनुमानित लागत से निर्माणाधीन है। पटना में पहले एम्स के बाद यह राज्य की दूसरी बड़ी केंद्रीय चिकित्सा संस्था होगी।
बिहार को पिछले 12 वर्षों में केंद्र से कितनी सहायता मिली है?
मुख्यमंत्री चौधरी के अनुसार, बिहार को पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार से लगभग ₹13 लाख करोड़ की सहायता प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त आयुष्मान भारत योजना से राज्य के लगभग 90 प्रतिशत परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।
'लखपति दीदी' योजना का बिहार में क्या असर हुआ है?
महिला आजीविका और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने वाली पहलों के माध्यम से बिहार में 50 लाख से अधिक महिलाएँ 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। यह योजना ग्रामीण महिलाओं की आय और आर्थिक स्वावलंबन को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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