क्या 6.58 लाख करोड़ रुपए की 170 परियोजनाओं से बिहार का विकास हो रहा है? सम्राट चौधरी
सारांश
Key Takeaways
- बिहार में 6.58 लाख करोड़ रुपए का निवेश हो रहा है।
- 170 राष्ट्रीय परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
- प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं की कड़ी निगरानी की जा रही है।
- सड़क एवं राजमार्ग क्षेत्र सबसे बड़ा है।
- कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का समाधान किया गया है।
पटना, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को जानकारी दी कि बिहार में 6.58 लाख करोड़ रुपए के निवेश से 170 राष्ट्रीय परियोजनाएं चल रही हैं। यही कारण है कि बिहार विकास की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाएं केवल कागज़ों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वास्तविकता में प्रभावशाली परिणाम दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में योजनाओं की सिर्फ घोषणा होती थी, लेकिन उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाते थे। इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में योजनाओं की नियमित समीक्षा और प्रगति की कड़ी निगरानी की जा रही है, जिससे विकास स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है और कार्यों को गति मिल रही है।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ प्रगति की बैठक कर 85 लाख करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा की और उन्हें शीघ्रता से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। इस प्रयास का परिणाम यह है कि बिहार में भी राष्ट्रीय अवसंरचना परियोजनाएं तेजी से विकसित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में बिहार में कुल 170 राष्ट्रीय परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिनमें कुल 6.58 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया जा रहा है। इनमें से 60 परियोजनाएं, जिनकी लागत 1.28 लाख करोड़ रुपए है, सफलतापूर्वक पूर्ण कर जनता को समर्पित की जा चुकी हैं, जबकि 110 परियोजनाएं 5.30 लाख करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं। परियोजनाओं की संख्या के संदर्भ में सड़क एवं राजमार्ग क्षेत्र सबसे बड़ा है, जिसमें कुल 72 परियोजनाएं शामिल हैं। वहीं रेलवे क्षेत्र में 38 परियोजनाएं चल रही हैं, जो बिहार को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से अधिक मजबूती से जोड़ रही हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इसके अलावा, बिजली, तेल एवं गैस, दूरसंचार, शहरी अवसंरचना और जलमार्ग क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है। कानून-व्यवस्था, बिजली, पानी, ईंधन और निर्माण से जुड़े अधिकांश मुद्दों का समाधान कर लिया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से संबंधित सभी 124 मुद्दों का 100 प्रतिशत समाधान किया जा चुका है। कई प्रमुख सड़क, पुल और रेलवे परियोजनाएं 99 से 100 प्रतिशत प्रगति पर पहुंच चुकी हैं।