साल के सबसे ठंडे 14 दिनों में अपना ख्याल कैसे रखें?

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साल के सबसे ठंडे 14 दिनों में अपना ख्याल कैसे रखें?

सारांश

जानिए कैसे सर्दियों में 14 दिनों के दौरान अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए। ये टिप्स आपको ठंड से सुरक्षित रखने में मदद करेंगे और आपकी सेहत को बनाए रखेंगे।

Key Takeaways

  • सर्दियों में गर्म तासीर वाले भोजन का सेवन करें।
  • रोजाना गुनगुने तेल से मालिश करें।
  • गुनगुना पानी और काढ़ा नियमित रूप से लें।
  • हल्की धूप में बैठें और कानों को ढकें।
  • हल्का व्यायाम करें, विशेषकर योग और प्राणायाम।

नई दिल्ली, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सर्दियों के महीनों में सभी को, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। उत्तर भारत में जनवरी के पहले सप्ताह से लेकर बीच तक सर्दी अपने अधिकतम स्तर पर पहुंच जाती है।

इस समय वातावरण में कोहरा और शीतलहर का प्रकोप होता है। धूप की मात्रा भी बहुत कम होती है और यह अवधि लगभग 14 दिन की होती है, जिसका उल्लेख आयुर्वेद के अष्टांग हृदय में किया गया है। इस समय खुद को ठंड से बचाना अत्यंत आवश्यक है।

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, यह समय पौष के अंत और माघ की शुरुआत से लेकर मध्य तक होता है। इस दौरान सूर्य की शक्ति कमजोर हो जाती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर प्रभाव पड़ता है। सेहत के दृष्टिकोण से भी यह 14 दिन महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि पाचन शक्ति तेज हो जाती है। माना जाता है कि इस अवधि में लिया गया पौष्टिक आहार साल भर में ऊर्जा प्रदान करता है, लेकिन इसके साथ ही शरीर में वात दोष की वृद्धि भी तेजी से होती है, जिससे दर्द और जोड़ों के दर्द की समस्याएं बढ़ जाती हैं।

इन 14 दिनों में शरीर को गर्म रखना आवश्यक है, इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें जिनकी तासीर गर्म हो। इस अवधि में घी, तिल का तेल, मूंग दाल, उड़द दाल, गेहूं, बाजरा, ज्वार, गुड़, तिल और मूंगफली का सेवन करें। ये न केवल शरीर को गर्म रखते हैं, बल्कि ऊर्जा भी प्रदान करते हैं।

दूसरा, अभ्यंग; रोजाना गुनगुने तेल से मालिश करें। इससे मांसपेशियों में जकड़न कम होती है और रक्त संचार बेहतर होता है। अभ्यंग से जोड़ों के दर्द में भी राहत मिलती है।

तीसरा, पूरे दिन गुनगुने पानी का सेवन करें और दिन में एक बार काढ़ा पीना न भूलें, जिसमें अदरक, तुलसी, हल्दी, लौंग और काली मिर्च शामिल हों। ये सभी चीजें पाचन शक्ति को मजबूत बनाती हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं।

चौथा, 14 दिनों तक हल्की धूप लें। अलाव के पास बैठकर खुद को गर्म रखने का प्रयास करें। कानों और चेहरे को खासतौर पर ढक कर रखें। इससे शरीर का तापमान संतुलित रखने में मदद मिलेगी।

पांचवा, 14 दिनों में हल्का व्यायाम करें। ठंड बढ़ने के साथ सांस लेने में दिक्कत और सीने में भारीपन की समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए योग और प्राणायाम का अभ्यास करें। इससे शरीर के सभी हिस्सों में ऑक्सीजन का संचार सही तरीके से होगा।

Point of View

विशेषकर सर्दियों में, जब स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में हमें हर किसी की सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

सर्दियों में बच्चों का ध्यान कैसे रखें?
सर्दियों में बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं और उन्हें गर्म आहार दें।
बुजुर्गों के लिए कौन-से उपाय करें?
बुजुर्गों को गरम चीजों का सेवन कराएं और नियमित रूप से गुनगुनी मालिश करें।
क्या काढ़ा पीने से फायदा होता है?
हां, काढ़ा पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
हल्की धूप में बैठना क्यों जरूरी है?
हल्की धूप में बैठने से शरीर में विटामिन D की कमी पूरी होती है।
व्यायाम क्यों आवश्यक है?
व्यायाम से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और ऊर्जा मिलती है।
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