क्या यूरिन में बदलाव किडनी खराब होने का संकेत है? नजरअंदाज करना हो सकता है खतरनाक!
सारांश
Key Takeaways
- यूरिन में बदलाव किडनी खराबी का संकेत हो सकता है।
- यूरिन डिपस्टिक टेस्ट सरल और प्रभावी है।
- प्रारंभिक लक्षणों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
- किडनी की सुरक्षा के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आवश्यक है।
- समय पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। किडनी हमारे शरीर का एक अत्यधिक महत्वपूर्ण अंग है, जो अवांछित तत्वों और टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करती है। अक्सर हम किडनी स्वास्थ्य को अनदेखा कर देते हैं, क्योंकि इसका नुकसान बहुत धीरे-धीरे होता है और प्रारंभिक लक्षण सामान्यतः दिखाई नहीं देते।
किडनी की खराबी का पता लगाने का सबसे सरल और प्रारंभिक तरीका यूरिन में होने वाले बदलाव होते हैं। यह एक संकेत है जो किडनी के नुकसान की चेतावनी देता है।
यूरिन में झाग आना किडनी की खराबी का एक सामान्य संकेत माना जाता है। अगर किडनी सही से काम नहीं कर रही है, तो यह प्रोटीन को सही तरीके से फिल्टर नहीं कर पाती, जिससे प्रोटीन यूरिन में मिल जाता है। जब यह झाग अधिक और लगातार दिखाई दे, तो इसका अर्थ है कि किडनी का फ़िल्टर सिस्टम कमजोर हो गया है। हालांकि, सभी झाग किडनी की समस्या का संकेत नहीं होते। कभी-कभी अधिक व्यायाम, बुखार या शरीर में पानी की कमी के कारण भी यूरिन में झाग आ सकता है। इसलिए, केवल झाग देखकर डरना सही नहीं है; बल्कि कुछ परीक्षण कराना आवश्यक है।
यूरिन डिपस्टिक परीक्षण एक सरल और प्रारंभिक स्क्रीनिंग का तरीका है। इसे आप अपने घर पर भी कर सकते हैं। यह परीक्षण बताता है कि यूरिन में प्रोटीन है या नहीं। हालाँकि, यह केवल एक संकेत देता है और प्रोटीन की मात्रा का सटीक आंकड़ा नहीं बताता। इसके अतिरिक्त, यह एल्ब्यूमिन के स्तर की पूरी जानकारी नहीं देता। यह परीक्षण विशेष रूप से डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के रोगियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इन रोगियों में किडनी को जल्दी नुकसान पहुँच सकता है।
किडनी के खराब होने का पता यूरिन एल्बुमिन-क्रिएटिनाइन रेशियो (यूएसीआर) से भी लगाया जाता है। यदि यह लगातार अधिक दिख रहा है, तो यह खतरे की घंटी है। इसके अलावा, यदि यूरिन में झाग अधिक हो, सूजन दिखाई दे, प्रोटीन और क्रिएटिनाइन बढ़ रहे हों या ब्लड प्रेशर असंतुलित हो, तो इसे हल्के में न लें। ये सभी संकेत हैं कि आपकी किडनी को तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।
यूरिन में बदलाव को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। झागदार यूरिन, लगातार बदलती रंगत, खून या असामान्य गंध आदि प्रारंभिक संकेत हो सकते हैं। इन परिवर्तनों को समझना और समय पर डॉक्टर से मिलकर परीक्षण कराना बहुत आवश्यक है।
किडनी की सुरक्षा के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, संतुलित आहार लेना, अधिक नमक और तेल वाले भोजन से बचना और नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराना आवश्यक है।