बिहार को केंद्र से ₹10,845 करोड़ की अग्रिम किस्त, CM सम्राट चौधरी ने PM मोदी का जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने 7 नवंबर 2026 को बिहार को कर हस्तांतरण की अग्रिम किस्त के रूप में ₹10,845 करोड़ की राशि जारी की है। दीपावली और लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा से ठीक पहले मिली इस वित्तीय सहायता पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'बिहार को बड़ी सौगात!' उन्होंने कहा कि दीपावली और छठ पर्व को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने यह अग्रिम किस्त जारी की है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री सीतारमण का 'हार्दिक आभार एवं धन्यवाद' व्यक्त किया।
चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार का यह सहयोग बिहार की विकास योजनाओं को गति देने और राज्य की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगा। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि केंद्र के सहयोग से राज्य में विकास की रफ्तार और तेज होगी।
राशि का उपयोग और प्राथमिकताएँ
राज्य सरकार के अनुसार यह राशि आधारभूत संरचना के विस्तार, जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन और प्रदेश में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं को नई मजबूती देने में उपयोग की जाएगी। त्योहारों के दौरान राज्य की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिहाज से भी यह किस्त अहम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सहयोग 'विकसित और समृद्ध बिहार' के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राज्य सरकार आम लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है।
कर हस्तांतरण: पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि केंद्र सरकार संविधान के प्रावधानों और वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राज्यों को केंद्रीय करों में उनके हिस्से की राशि हस्तांतरित करती है। यह अग्रिम किस्त नियमित हस्तांतरण चक्र से पहले जारी की गई है, जिसे त्योहारी सीज़न में राज्य की वित्तीय ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए एक विशेष कदम माना जा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार कई बड़े बुनियादी ढाँचे और जनकल्याण कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के दौर से गुज़र रहा है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय को इस फैसले से और मजबूती मिलती दिख रही है।
आगे क्या
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्र-राज्य साझेदारी को बिहार की प्रगति का आधार बताते हुए संकेत दिया कि राज्य सरकार इस राशि के उपयोग को लेकर शीघ्र विस्तृत योजना सामने रखेगी। आने वाले हफ्तों में इस धनराशि के प्राथमिकता-आधारित आवंटन की घोषणा अपेक्षित है।