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क्या छह देशों के 16 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने बिहार चुनाव को देख कर भारत के 'प्रेरक' और 'पारदर्शी' लोकतंत्र की सराहना की?

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क्या छह देशों के 16 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने बिहार चुनाव को देख कर भारत के 'प्रेरक' और 'पारदर्शी' लोकतंत्र की सराहना की?

सारांश

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया है। 16 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने चुनाव प्रक्रिया को देखकर भारत के लोकतंत्र की सराहना की है। जानिए इन प्रतिनिधियों ने क्या कहा और बिहार चुनावों की विशेषताएं क्या हैं।

मुख्य बातें

बिहार चुनाव में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने भारत के लोकतंत्र को वैश्विक मान्यता दी है।
प्रत्येक प्रतिनिधि ने भारत की चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता की सराहना की।
तकनीकी नवाचार ने चुनावी प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाया है।

नई दिल्ली, ६ नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की जीवंत लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नजदीक से देखने हेतु छह देशों के १६ अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का एक समूह बिहार आया।

इस समूह में इंडोनेशिया, दक्षिण अफ्रीका, फिलीपींस, कोलंबिया, थाईलैंड और बेल्जियम के चुनाव अधिकारी और राजनयिक शामिल हैं। यह दल भारतीय चुनाव आयोग के अंतरराष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम (आईईवीपी) के तहत भारत का दौरा कर रहा था।

प्रतिनिधियों ने चुनाव प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं का अवलोकन किया, जैसे मतदान केंद्रों की व्यवस्था, तकनीकी उपयोग तथा मतदाता सुविधा, और यह देखा कि भारत अपने विशाल चुनावों को कैसे कुशलता और पारदर्शिता के साथ संचालित करता है।

इंडोनेशिया के कोमिसी पेमिलिहान उमुम (केपीयू) के आयुक्त इधम होलिक ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "बिहार में मेरा अनुभव बहुत प्रेरणादायक रहा है। हर कोई देख सकता है कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हैं। भारत वास्तव में लोकतंत्र की भूमि है।"

दक्षिण अफ्रीका दूतावास के मशुदुबेले सेदुला मामाबोबो ने भारतीय चुनाव प्रणाली में तकनीकी उपयोग की सराहना की। उन्होंने कहा, "बिहार के चुनाव अद्भुत हैं। हमने बहुत सी ऐसी बातें सीखीं जो हम दक्षिण अफ्रीका में साझा कर सकते हैं। हमने कठिन सवाल पूछे और अधिकारियों ने संतोषजनक जवाब दिए।"

उन्होंने कहा कि भारत में उपयोग की जाने वाली डिजिटल प्रणाली दक्षिण अफ्रीका की कागजी प्रक्रिया से कहीं आगे है। बिहार के मतदाताओं में उत्साह अद्भुत देखने को मिला है।

फिलीपींस गणराज्य के दूतावास के रोजेलियो बी. सिल्वा जूनियर ने भी भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) और बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की उत्कृष्ट व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा, "हम पारदर्शी और तेज चुनाव प्रक्रिया से प्रभावित हुए। नवाचार और तकनीक का मिश्रण नागरिकों के लिए मतदान को आसान बनाता है।"

अंतरराष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम अन्य देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के चुनाव प्रबंधन निकायों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग और जुड़ाव के लिए ईसीआई का एक प्रमुख कार्यक्रम है।

अंतरराष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम २०१४ में शुरू हुआ था और चुनाव प्रबंधन निकायों एवं वैश्विक लोकतांत्रिक संस्थानों के साथ अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव के लिए ईसीआई के प्रमुख मंच के रूप में कार्य करता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से, भारत अपनी चुनावी सर्वोत्तम प्रथाओं को प्रदर्शित करता है और भागीदार देशों के साथ पारस्परिक शिक्षा को बढ़ावा देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत का लोकतंत्र न केवल अपने विशाल आकार में, बल्कि इसकी पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता में भी अद्वितीय है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की सराहना इस बात का प्रमाण है कि भारत की चुनावी प्रक्रिया अन्य देशों के लिए प्रेरणा स्रोत बन रही है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार चुनाव में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का क्या महत्व है?
अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का होना भारत के लोकतंत्र की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को दर्शाता है। यह अन्य देशों के साथ सहयोग और अनुभव साझा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
क्या भारत की चुनाव प्रणाली अन्य देशों से बेहतर है?
भारत की चुनाव प्रणाली में तकनीकी नवाचार और पारदर्शिता का मिश्रण इसे अन्य देशों की प्रणालियों से अलग करता है।
राष्ट्र प्रेस
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