क्या मीरवाइज उमर फारूक ने 'हुर्रियत चेयरमैन' का पदनाम हटाकर अपनी वैचारिकी को बदल दिया?
सारांश
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श्रीनगर, 27 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। कश्मीर के प्रमुख धार्मिक नेता और अलगाववादी मीरवाइज उमर फारूक ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल से 'अध्यक्ष, सर्वदलीय हुर्रियत सम्मेलन' का पदनाम हटा दिया है। उनके इस निर्णय ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। कुछ लोगों ने उन पर आरोप लगाया है कि वे अपने सिद्धांतों और विश्वासों के साथ समझौता कर रहे हैं।
मीरवाइज के कार्यालय, मीरवाइज मंजिल, ने इस विषय पर एक विस्तृत प्रतिक्रिया दी है। बयान में कहा गया, "यह बेहद दुखद है कि कुछ अवसरवादी लोग, जिन्हें सभी जानते हैं, इस मामले में 'नैतिकता' का पाठ पढ़ा रहे हैं। मीरवाइज का हुर्रियत प्रमुख का पदनाम हटाना गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, जैसे कि उन्होंने अपने आदर्शों को त्याग दिया है।"
कार्यालय ने स्पष्ट किया कि मीरवाइज ने पहले इस हटाने के बारे में सही जानकारी दी है। इसे सिद्धांतों का त्याग बताना गुमराह करने वाला और दुर्भावनापूर्ण प्रयास है। मीरवाइज एक महान विरासत के उत्तराधिकारी हैं और वे जम्मू-कश्मीर के लोगों और अल्लाह के प्रति जवाबदेह हैं।
बयान में आगे कहा गया कि मीरवाइज को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने की कोशिश करने वाले लोग जम्मू-कश्मीर की जनता के दर्द और निराशा के प्रति उदासीन हैं, जो दशकों से संकट का सामना कर रही है। मीरवाइज ने इन लोगों से अनुरोध किया कि वे संदेह और गलतफहमियों का माहौल न बनाएं। भले ही उन्हें लगे कि यह उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाएगा, मीरवाइज प्रार्थना करते हैं कि वे जम्मू-कश्मीर के लोगों की सच्ची सेवा में सफल हों।
मीरवाइज ने बताया कि अधिकारियों ने उन पर दबाव डाला था कि वे हुर्रियत चेयरमैन का पदनाम हटा दें, क्योंकि सभी घटक संगठन, जिनमें उनकी अवामी एक्शन कमेटी भी शामिल है, यूएपीए के तहत प्रतिबंधित हैं, जिससे हुर्रियत एक प्रतिबंधित संगठन बन गया है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो उनका हैंडल डिलीट कर दिया जाएगा। उन्होंने इसे मजबूरी का निर्णय बताया, क्योंकि जनता से संवाद के लिए यह प्लेटफॉर्म उनके लिए एकमात्र विकल्प रह गया है।