क्या चुनाव तय करेगा कि बिहार में जंगलराज आएगा या फिर से विकास का राज आएगा?

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क्या चुनाव तय करेगा कि बिहार में जंगलराज आएगा या फिर से विकास का राज आएगा?

सारांश

बिहार विधानसभा चुनाव में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुंगेर में एक रैली में एनडीए सरकार के विकास कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह चुनाव बिहार के भविष्य का निर्धारण करेगा। जानिए, उन्होंने और क्या कहा।

मुख्य बातें

एनडीए का विकास कार्यों की प्रशंसा महागठबंधन में सीट बंटवारे की समस्या बिहार में शिक्षा के बजट में वृद्धि भ्रष्टाचार पर राजद पर आरोप जंगलराज और विकास का राज का मुकाबला

पटना, २५ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए चुनावी प्रचार में तेजी आ गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को खगड़िया के बाद मुंगेर पहुंचे, जहां उन्होंने एक चुनावी रैली को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने एनडीए सरकार के विकास कार्यों की सराहना की और विपक्ष पर तीखा प्रहार किया।

अमित शाह ने कहा कि बिहार के चुनाव में एक तरफ एनडीए के पांच दल एकजुट होकर चुनावी मैदान में हैं, जबकि दूसरी ओर महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर असमंजस बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इस गठबंधन के पास न तो सही नेतृत्व है, न नीयत है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से कहा कि यह चुनाव यह तय करेगा कि बिहार में जंगलराज लौटेगा या एनडीए के नेतृत्व में एक बार फिर से विकास का राज आएगा।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में बजट १८ गुना बढ़ा है, शिक्षकों की संख्या २ लाख से बढ़कर ६ लाख हो गई है, और इंजीनियरिंग की सीटों में ३६ गुना वृद्धि हुई है। कृषि उत्पादों में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। उन्होंने कहा कि राजद बिहार में कानून व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास कर रही है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने मुंगेर के लोगों को बताया कि यह क्षेत्र भी रामायण सर्किट से जुड़ने वाला है। एनडीए सरकार में अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है और अब सीतामढ़ी में भी एक भव्य जानकी मंदिर बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने मुंगेर के सीता कुंड के विकास का वादा करते हुए कई विकास कार्यों की चर्चा की।

उन्होंने कहा, "हाल ही में एनडीए सरकार ने एक करोड़ जीविका दीदियों के बैंक खातों में १०-१० हजार रुपये जमा करने का कार्य किया। विधवा और वृद्धा पेंशन को ४०० रुपये से बढ़ाकर १,१०० रुपये किया गया, और आशा बहनों का मानदेय ३,००० रुपये किया गया। इसी प्रकार के अनेक कार्य एनडीए सरकार ने बिहार के विकास के लिए किए हैं। अब पटना में मेट्रो का सपना साकार हो रहा है।

इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार पर भी राजद पर हमला किया। उन्होंने कहा कि एनडीए को बिहार के लोगों की चिंता है, जबकि लालू यादव को अपने बेटे को मुख्यमंत्री और सोनिया गांधी को अपने बेटे को प्रधानमंत्री बनाने की चिंता है। इस दौरान उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का भी जिक्र किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित होगा कि बिहार के चुनाव केवल स्थानीय मुद्दों तक सीमित नहीं हैं। यह राज्य की स्थिरता, विकास और भविष्य की दिशा को निर्धारित करने वाले हैं। चाहे वह एनडीए हो या महागठबंधन, दोनों के पास अपने-अपने दृष्टिकोण हैं।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार विधानसभा चुनाव में मुख्य मुद्दे क्या हैं?
बिहार में मुख्य मुद्दे विकास, कानून व्यवस्था और बेरोजगारी हैं।
एनडीए और महागठबंधन में क्या अंतर है?
एनडीए एक गठबंधन है जिसमें कई दल शामिल हैं, जबकि महागठबंधन में एक साझा विरोध है।
राष्ट्र प्रेस
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