क्या बिहार के जमुई में बदमाशों ने पूर्व सिविल सर्जन के परिवार को बेहोश किया?

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क्या बिहार के जमुई में बदमाशों ने पूर्व सिविल सर्जन के परिवार को बेहोश किया?

सारांश

जमुई में गणतंत्र दिवस पर एक परिवार पर हुए हमले ने सभी को चौंका दिया। डॉक्टर्स के परिवार को बेहोश कर लूटपाट की गई। इस घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। क्या पुलिस इस मामले को सुलझा पाएगी?

Key Takeaways

  • गणतंत्र दिवस पर हुई इस घटना ने सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।
  • पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की है।
  • बदमाशों ने परिवार को बेहोश करने की दवा दी।
  • घटना की जानकारी से स्थानीय विधायक भी मौके पर पहुंचे।

पटना, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के जमुई जिले के गिधौर ब्लॉक में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां गणतंत्र दिवस की सुबह हथियारबंद बदमाशों ने पूर्व सिविल सर्जन डॉ. विजेंद्र सत्यार्थी के घर में लूटपाट की और पुलिस एवं प्रशासन को खुली चुनौती दी।

सूचना के अनुसार, लगभग पाँच हथियारबंद और नकाबपोश अपराधी सुबह तड़के ताला तोड़कर घर में घुस आए।

बंदूक की नोक पर उन्होंने पूरे परिवार को बंधक बना लिया और लूटपाट को अंजाम दिया।

अपराधियों ने कथित तौर पर डॉ. विजेंद्र सत्यार्थी और उनकी पत्नी पुष्पम सत्यार्थी को बेहोश करने वाले इंजेक्शन लगाए, जिससे वे अचेत हो गए।

जब उनके बेटे डॉ. विक्रम सत्यार्थी बाथरूम से बाहर आए, तो उन्हें भी जबरन इंजेक्शन लगाया गया और वे बेहोश हो गए।

सुबह लगभग 8:30 बजे पड़ोसियों को कुछ गड़बड़ लगी और वे घर में दाखिल हुए, जहां उन्होंने परिवार के तीनों सदस्यों को बेहोश पाया। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई।

सूचना मिलते ही झाझा के विधायक दामोदर रावत और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौके पर पहुंचे।

बेहोश परिवार के सदस्यों को तुरंत सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की एक टीम उनका इलाज कर रही है।

आंशिक रूप से होश में आने के बाद, डॉ. विक्रम सत्यार्थी ने अपने साथ हुई घटना का ब्योरा दिया।

उन्होंने बताया कि हम अभी-अभी जागे ही थे कि पाँच हथियारबंद, नकाबपोश लोग हमारे घर में घुस आए। मुझे और मेरे माता-पिता को बंदूक की नोक पर बंधक बना लिया गया। घर लूटने के बाद, उन्होंने हमें बेहोशी की दवा के इंजेक्शन दिए।

उन्होंने आगे बताया कि अपराधियों ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि घर में 80 लाख रुपए हैं और किसी ने उन्हें इसकी सूचना दे दी थी।

आरोप है कि लुटेरों ने परिवार को बताया कि उन्हें उन तीनों को मारने का आदेश मिला था।

डॉ. विक्रम ने बताया कि उन्होंने अपराधियों को आपस में यह चर्चा करते हुए सुना कि उन्हें पिता और पुत्र दोनों को खत्म करना है।

गिधौर पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर जयप्रकाश सिंह ने बताया कि तीनों पीड़ितों का इलाज चल रहा है और पूरी तरह ठीक होने के बाद उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।

पुलिस ने आसपास के इलाकों से सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है और मामले की हर संभव पहलू से छानबीन कर रही है।

इस घटना ने क्षेत्र में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं, खासकर इसलिए क्योंकि यह गणतंत्र दिवस पर हुई।

Point of View

बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय है। गणतंत्र दिवस पर इस तरह की लूटपाट से यह स्पष्ट होता है कि सुरक्षा व्यवस्था में खामियां हैं। हमें इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
NationPress
10/02/2026

Frequently Asked Questions

क्या यह घटना सही है?
हाँ, यह घटना बिहार के जमुई जिले में हुई है और इसकी पुष्टि हो चुकी है।
पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू कर दी है और मामले की हर संभव पहलू से छानबीन कर रही है।
क्या परिवार सुरक्षित है?
परिवार के सदस्यों का इलाज चल रहा है और उन्हें खतरे से बाहर बताया जा रहा है।
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