बिहार में सत्ता की बागडोर अब भाजपा के हाथों में: अखिलेश प्रसाद सिंह

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बिहार में सत्ता की बागडोर अब भाजपा के हाथों में: अखिलेश प्रसाद सिंह

सारांश

कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने नीतीश कुमार के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह जनता के जनादेश का अपमान है। भाजपा अब बिहार में शासन करेगी।

Key Takeaways

  • नीतीश कुमार के इस्तीफे से बिहार में भाजपा का शासन स्थापित होगा।
  • महिला आरक्षण विधेयक में परिसीमन पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
  • कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं के आरक्षण की बात की है।
  • श्रम कानूनों में बदलाव से मजदूरों की स्थिति पर असर पड़ा है।
  • आंदोलन होने की संभावना तब बढ़ जाती है जब मजदूरों को संतुष्ट नहीं किया जाता।

नई दिल्ली, 13 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस से राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे और अगले मुख्यमंत्री को लेकर कहा कि जनता के जनादेश का अपमान हुआ है। अब भाजपा बिहार में सत्ता का संचालन करेगी।

नई दिल्ली में कांग्रेस सांसद ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि सीएम नीतीश कुमार अपने पद से इस्तीफा देने वाले हैं।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को बिहार से हटाने का निर्णय राज्य की जनता का होना चाहिए था। विधानसभा चुनाव में हम भी नीतीश कुमार का विरोध कर रहे थे, लेकिन बिहार की जनता ने नीतीश कुमार के नाम पर जनादेश दिया था। यह जनादेश भाजपा के नाम पर नहीं था।

उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य बनने के बाद स्पष्ट हो गया है कि वे मुख्यमंत्री की कुर्सी भाजपा को सौंपना चाहते हैं और सत्ता का संचालन भाजपा के माध्यम से होगा।

महिला आरक्षण विधेयक पर अखिलेश प्रसाद सिंह ने सोनिया गांधी के लेख का समर्थन करते हुए कहा कि परिसीमन (डिलिमिटेशन) कैसे होगा, यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है।

उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी बिल्कुल सही कह रही हैं। परिसीमन केवल अंकगणितीय आधार पर नहीं होना चाहिए। दक्षिणी राज्यों और छोटे राज्यों, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण में अच्छा काम किया है, उनके हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। अगर केवल उत्तरी और हिंदी भाषी राज्यों में सीटें बढ़ाई गईं तो दक्षिण के राज्यों को नुकसान होगा।

अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण बिल 2023 में पारित हो चुका है, लेकिन कांग्रेस का स्पष्ट रुख था कि इसे 2024 के चुनाव में लागू किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दो साल तक इस बिल को ठंडे बस्ते में रखा गया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ही लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को आरक्षण देने का मुद्दा सबसे पहले उठाया था। राजीव गांधी के समय में पंचायतों और जिला पंचायतों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था। आज जिला पंचायतों और ग्राम पंचायतों में 50 प्रतिशत महिलाएं राजीव गांधी और कांग्रेस की वजह से ही सदस्य हैं। हम आज भी अपनी उस मांग पर कायम हैं कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को जल्द से जल्द आरक्षण दिया जाए।

कांग्रेस सांसद ने कहा कि एनडीए सरकार आने के बाद से श्रम कानूनों के साथ लगातार समझौता किया जा रहा है। मजदूरों के साथ अपराध और बदसलूकी बढ़ी है। नोएडा में चल रहा मजदूर आंदोलन इसी का नतीजा है।

अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि देश के आजाद होने के बाद सरकार का कर्तव्य है कि वह मजदूरों को संतुष्ट रखे। हमने इसी आधार पर संविधान बनाया था, लेकिन जब मजदूरों को असंतुष्ट किया जाता है तो आंदोलन होना स्वाभाविक है।

Point of View

दर्शाते हुए कि यह कार्रवाई जनता के जनादेश का अपमान है। उनका कहना है कि भाजपा अब बिहार में शासन करेगी, जो राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

नीतीश कुमार ने इस्तीफा क्यों दिया?
कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह का कहना है कि यह जनता के जनादेश का अपमान है और उन्हें खुद इस्तीफा नहीं देना चाहिए था।
महिला आरक्षण विधेयक पर अखिलेश प्रसाद सिंह का क्या कहना है?
उन्होंने कहा कि परिसीमन केवल अंकगणितीय आधार पर नहीं होना चाहिए और छोटे राज्यों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
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