क्या बिहार में 'सियासी' चूड़ा-दही भोज जारी है? चिराग पासवान और चेतन आनंद के भोज में पहुंचे सीएम नीतीश
सारांश
Key Takeaways
- चूड़ा-दही भोज बिहार की संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस अवसर पर पूर्व मंत्री रामविलास पासवान को श्रद्धांजलि दी।
- भोज में एनडीए के बीच सकारात्मक तालमेल देखने को मिला।
- राजनीतिक नेताओं की उपस्थिति ने सामाजिक एकता का संकेत दिया।
- तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति ने विभिन्न अटकलों को जन्म दिया।
पटना, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में मकर संक्रांति के अवसर पर राजनीतिक दलों और नेताओं का चूड़ा-दही भोज आयोजित किया जा रहा है। इसी कड़ी में, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान और विधायक चेतन आनंद ने गुरुवार को एक विशेष चूड़ा-दही भोज का आयोजन किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस भोज में शिरकत की जो लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश कार्यालय में संपन्न हुआ।
दही-चूड़ा भोज में मुख्यमंत्री को देखकर चिराग पासवान ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के चित्र पर फूल अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस समारोह में जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह, सांसद अरुण भारती, विधायक मुरारी प्रसाद गौतम, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा सहित कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इस भोज में उपस्थिति को एनडीए के भीतर सकारात्मक तालमेल और एकजुटता का प्रतीक माना जा रहा है। भोज में पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं की भी अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली।
इसके बाद, मुख्यमंत्री ने पटना में जदयू विधायक चेतन आनंद के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में भी भाग लिया। इस मौके पर चेतन आनंद ने मुख्यमंत्री को एक प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर सांसद लवली आनंद, विधायक श्याम रजक, विधायक रत्नेश सादा, पूर्व सांसद आनंद मोहन सहित कई पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद थे।
ज्ञात हो कि 14 जनवरी को तेजप्रताप यादव के आवास पर हुए दही-चूड़ा भोज में लालू यादव, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और अन्य नेताओं की उपस्थिति रही।
वहीं, विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की अनुपस्थिति ने राजनीति में अलग संकेत दिए। लालू यादव ने कहा कि वे तेजप्रताप से नाराज नहीं हैं।
इधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के चूड़ा-दही भोज में पार्टी के विधायकों की अनुपस्थिति पर चर्चा चल रही है।