क्या बिहार में राजद ने पटना में छात्रा की संदिग्ध मृत्यु पर सीबीआई जांच की मांग की?

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क्या बिहार में राजद ने पटना में छात्रा की संदिग्ध मृत्यु पर सीबीआई जांच की मांग की?

सारांश

पटना में एक छात्रा की संदिग्ध मृत्यु ने बिहार में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजद ने सीबीआई जांच की मांग की है, साथ ही पुलिस की निष्क्रियता पर भी नाराजगी जताई है। क्या यह मामला सिर्फ एक छात्रा की मृत्यु का है या बिहार के गरीब परिवारों के सम्मान का भी?

Key Takeaways

  • राजद ने सीबीआई जांच की मांग की है।
  • पुलिस की प्रारंभिक रिपोर्ट विवादित है।
  • बेटियों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताई जा रही है।
  • राजद ने आरोप लगाया कि प्रशासन मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है।
  • राजद का आंदोलन संभावित है यदि कार्रवाई नहीं हुई।

पटना, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रमुख नेताओं ने शनिवार को पटना में नीट परीक्षा देने वाली एक छात्रा की संदिग्ध मृत्यु को लेकर बिहार सरकार के खिलाफ तीखा विरोध प्रदर्शन किया और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की मांग की।

पूर्व विधायक संजीव कुमार के नेतृत्व में राजद नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा से मिला और घटना पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की।

प्रतिनिधिमंडल ने यह आरोप लगाया कि बिहार में बेटियों की सुरक्षा गंभीर खतरे में है और राज्य प्रशासन पर मामले को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया।

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए संजीव कुमार ने कहा कि हमें स्थानीय पुलिस प्रशासन पर कोई भरोसा नहीं है। यदि पुलिस निष्पक्ष जांच को लेकर गंभीर होती, तो पहले दिन से ही कार्रवाई की जाती।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच को जानबूझकर भटकाया जा रहा है और जोर देकर कहा कि सीबीआई जांच के बिना न्याय संभव नहीं है।

राजद नेताओं ने पुलिस के इस प्रारंभिक दावे पर भी आपत्ति जताई कि छात्रा की मृत्यु फूड पॉइजनिंग के कारण हुई थी।

राजद नेता संजीव कुमार ने सवाल उठाया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले पुलिस इस निष्कर्ष पर कैसे पहुंच गई?

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस कैसे एक रात में फॉरेंसिक विशेषज्ञ बन गई? यह स्पष्ट रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों को बचाने की एक सुनियोजित साजिश प्रतीत होती है।

विधायक संजीव कुमार ने चिंता व्यक्त करते हुए पटना में प्राइवेट गर्ल्स हॉस्टल के संचालन और नियमों पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने मांग की कि राज्य के सभी गर्ल्स हॉस्टल्स का जिला प्रशासन के साथ अनिवार्य पंजीकरण कराया जाए और ऐसे छात्रावासों में सीसीटीवी निगरानी की सीधी निगरानी पुलिस मुख्यालय द्वारा की जाए।

उन्होंने कहा कि हमने इन चिंताओं को बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के समक्ष भी उठाया है और निकट भविष्य में ठोस सुधारात्मक उपायों की अपेक्षा करते हैं।

राजद ने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ एक छात्रा की मृत्यु का नहीं है, बल्कि बिहार के गरीब परिवारों के सम्मान और न्याय का सवाल है।

राजद नेता संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है, जबकि आरोपी प्रभावशाली हैं, और इसी कारण से पुलिस का उदासीन रवैया है।

उन्होंने यह भी कहा कि बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने संकेत दिया है कि यदि दोषियों के खिलाफ त्वरित और निर्णायक कार्रवाई नहीं की गई और मामला सीबीआई को नहीं सौंपा गया, तो राजद राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।

Point of View

लेकिन वास्तविकता यह है कि हमें हर नागरिक के जीवन और सुरक्षा की चिंता करनी चाहिए। यह घटना सभी को सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम अपनी बेटियों को सुरक्षित रख पा रहे हैं?
NationPress
17/01/2026

Frequently Asked Questions

राजद ने सीबीआई जांच की मांग क्यों की?
राजद का कहना है कि स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं किया जा सकता और बिना सीबीआई जांच के न्याय संभव नहीं है।
क्या छात्रा की मौत फूड पॉइजनिंग से हुई थी?
पुलिस ने प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा था कि छात्रा की मौत फूड पॉइजनिंग से हुई, लेकिन यह दावा विवादित है।
राजद का अगला कदम क्या होगा?
यदि त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो राजद राज्यव्यापी आंदोलन शुरू कर सकती है।
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