क्या बिहार में अब घर बैठे मतदान संभव होगा? निर्वाचन आयोग दे रहा है 'ई-वोटिंग' की सुविधा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बिहार में अब घर बैठे मतदान संभव होगा? निर्वाचन आयोग दे रहा है 'ई-वोटिंग' की सुविधा

सारांश

बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदान प्रक्रिया को और अधिक सुलभ बनाने के लिए 'ई-वोटिंग' की सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। यह पहल विशेष रूप से दिव्यांगजनों और प्रवासी नागरिकों के लिए है, जिससे वे घर बैठे ही मतदान कर सकें। जानें इस नई तकनीक के बारे में।

मुख्य बातें

ई-वोटिंग से मतदान प्रक्रिया में सुलभता आएगी।
दिव्यांग और वृद्ध मतदाता घर बैठे मतदान कर सकेंगे।
प्रক্রिया में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

पटना, 17 जून (राष्ट्र प्रेस)। बिहार राज्य निर्वाचन आयोग आधुनिक तकनीक की दिशा में एक नया कदम बढ़ा रहा है। अब मतदान प्रक्रिया और भी स्मार्ट, सुरक्षित और सुलभ होगी। ई-वोटिंग की यह पहल विशेष रूप से दिव्यांगजनों, वृद्धजनों और प्रवासी नागरिकों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है, ताकि हर मतदाता का वोट आसानी से, सुरक्षित और गरिमा के साथ दर्ज हो सके।

बिहार राज्य निर्वाचन आयोग आगामी नगर पालिका आम उप निर्वाचन 2025 के लिए ई-वोटिंग का प्रयोग करने के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य निर्वाचन आयुक्त दीपक प्रसाद ने कहा कि आयोग का हमेशा से यह प्रयास रहा है कि प्रत्येक मतदाता को स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी, उत्तरदायित्वपूर्ण और सुलभ मतदान की प्रक्रिया उपलब्ध कराई जाए। इसी उद्देश्य से ई-वोटिंग का उपयोग किया जाएगा। जिन मतदाताओं को बूथ पर जाने में कठिनाई होती थी, वे अब घर बैठे मतदान कर सकेंगे।

दीपक प्रसाद ने बताया कि कई मतदाता शारीरिक कठिनाइयों के कारण बूथ पर नहीं जा पाते हैं। कुछ लोग भयभीत भी होते हैं। इसका उद्देश्य घर में रहकर मतदान करना है। उन्होंने कहा कि ई-वोटिंग के लिए सबसे पहले रजिस्ट्रेशन करना होता है और सुरक्षा से सहमति देनी होती है। सहमति देने के बाद उन लोगों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान हमारे पास इलेक्टोरल रहते हैं। इसमें जो फोटोग्राफ होते हैं और सेल्फी के माध्यम से जो फोटोग्राफ लेते हैं, उन्हें लाइव टेस्ट करके यह सुनिश्चित करते हैं कि मतदाता जीवित हैं। उस फोटोग्राफ को एआई-बेस्ड तकनीक से मिलाया जाता है।

उन्होंने बताया कि यदि इपिक में पुराने फोटोग्राफ हैं, तो एआई आधारित तकनीक के कारण वे मिल जाते हैं। चुनाव आयोग में सभी प्रक्रियाएं डिजिटल हैं। आज बूथ कैप्चरिंग को छोड़कर, सभी प्रक्रियाओं में पूरी पारदर्शिता बरती जाती है। गिनती में भी पूरी पारदर्शी व्यवस्था की जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सभी मतदाताओं के लिए सुलभता भी लाएगा। इस पहल से मतदान में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होगी। यह देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत करेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ई-वोटिंग कैसे काम करेगी?
ई-वोटिंग के लिए मतदाताओं को पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा और सुरक्षा से सहमति देनी होगी। इसके बाद वे घर बैठे मतदान कर सकेंगे।
क्या सभी मतदाता ई-वोटिंग का उपयोग कर सकते हैं?
हां, विशेष रूप से वे मतदाता जो बूथ पर जाने में असमर्थ हैं, वे ई-वोटिंग का लाभ उठा सकते हैं।
ई-वोटिंग में सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
ई-वोटिंग प्रक्रिया में एआई-बेस्ड तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे मतदाता के फोटोग्राफ और जीवित होने की पुष्टि की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस