क्या बिहार में अब 'डबल लेन' की ग्रामीण सड़कें होंगी?: अशोक चौधरी
सारांश
Key Takeaways
- ग्रामीण सड़कों का डबल लेन में परिवर्तन
- सात निश्चय-3 योजना का महत्व
- कनेक्टिविटी में सुधार
- विकास की नई गति
- सड़क निर्माण में कीर्तिमान
पटना, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की एनडीए सरकार सड़कों के विकास के प्रति हमेशा सजग रही है। हाल ही में सरकार ने बिहार की ग्रामीण सड़कों को और भी बेहतर बनाने के लिए इन्हें डबल लेन में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है।
बिहार के ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि सात निश्चय-3 योजना के अंतर्गत राज्य की ग्रामीण सड़कों को चरणबद्ध तरीके से दो लेन में बदला जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और विकास को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही, नागरिकों को भी सहूलियत प्राप्त होगी।
उन्होंने बताया कि सात निश्चय-3 के तहत उन सड़कों की पहचान की जा रही है जो प्रखंड, अनुमंडल और जिला मुख्यालयों को राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ती हैं। इन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर दो लेन में परिवर्तित किया जाएगा।
चौधरी ने बताया कि पिछले 20 वर्षों में बिहार ने ग्रामीण सड़क निर्माण में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस अवधि में बिहार की एक लाख 20 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण इस विभाग द्वारा किया गया है। इसे बनाए रखने के लिए सात साल की मेंटेनेंस पॉलिसी को भी लागू किया गया है।
उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण और प्रबंधन कार्यक्रम के तहत 18,166 सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है, जिनकी कुल लंबाई लगभग 30,965 किलोमीटर है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना के अंतर्गत सड़कों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्राम सम्पर्क योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 31,604 बसावटों के लिए 43,431 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 25,062 बसावटों में 34,414 किलोमीटर सड़कों का निर्माण हो चुका है। वहीं, शेष लक्षित बसावटों में भी सड़कों का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिसे जल्द ही पूरा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण टोला सम्पर्क निश्चय योजना के तहत वर्ष 2016-17 से अनजुड़े ग्रामीण टोलों को बारहमासी सड़कों से जोड़ा जा रहा है। अब तक 4,643 टोलों को जोड़ने के लक्ष्य के साथ 3,977 किलोमीटर सड़कों का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है। यह योजना गांवों में विकास और सुगम आवागमन सुनिश्चित कर रही है।