क्या बिहार में कोई भी योग्य मतदाता छूटेगा?

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क्या बिहार में कोई भी योग्य मतदाता छूटेगा?

सारांश

बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची पर उठ रहे सवालों के बीच, चुनाव आयोग ने मजबूती से कहा है कि सभी योग्य मतदाता अपनी जगह पर रहेंगे। जानें इस मुद्दे पर आयोग की क्या रणनीति है।

मुख्य बातें

विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत सभी योग्य मतदाताओं को शामिल किया जाएगा।
कोई भी अयोग्य व्यक्ति सूची में नहीं होगा।
राजनीतिक दलों को दावे और आपत्तियां दर्ज करने का मौका दिया गया है।
नए मतदाताओं से फॉर्म-6 और घोषणाएं प्राप्त की जा रही हैं।
चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता सुनिश्चित करती है कि लोकतंत्र में सभी की आवाज सुनी जाए।

नई दिल्ली, 5 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जहां राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी चल रही है, वहीं भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) मतदाताओं के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर रहा है। आयोग ने बिहार में जारी की गई प्रारूप मतदाता सूची के संबंध में स्पष्ट किया है कि किसी भी योग्य मतदाता को सूची से बाहर नहीं रखा जाएगा और न ही किसी अयोग्य व्यक्ति को इसमें शामिल किया जाएगा।

ईसीआई ने बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत 1 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची जारी की है। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं से अपील की है कि वे इस सूची की जांच करें और दावे और आपत्तियां दर्ज कराएं, ताकि कोई योग्य मतदाता छूट न जाए और कोई अयोग्य मतदाता शामिल न हो।

ईसीआई ने कहा कि अब तक किसी भी राजनीतिक दल ने एक भी दावा या आपत्ति नहीं दी है। चुनाव आयोग बार-बार यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी भी योग्य मतदाता को सूची से बाहर नहीं रखा जाएगा और न ही किसी अयोग्य व्यक्ति को शामिल किया जाएगा। अगर किसी को आपत्ति है तो वह 1 अगस्त को जारी की गई प्रारूप मतदाता सूची में अपने दावे और आपत्ति को दर्ज करा सकता है।

ईसीआई ने मंगलवार को बिहार के एसआईआर से संबंधित 1 से 5 अगस्त तक का डेली बुलेटिन जारी किया है।

चुनाव आयोग के अनुसार, बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 1 अगस्त को जारी प्रारूप मतदाता सूची पर पहले 5 दिनों (1 अगस्त दोपहर 3 बजे से 5 अगस्त दोपहर 3 बजे तक) में किसी भी राजनीतिक दल की ओर से कोई दावा या आपत्ति दर्ज नहीं की गई है।

हालांकि, पात्र मतदाताओं की सूची में शामिल करने और अयोग्य मतदाताओं को हटाने के लिए पिछले पांच दिनों में 2,864 दावे या आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। इसके अतिरिक्त, 18 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले नए मतदाताओं से 14,914 'फॉर्म-6 और घोषणाएं' प्राप्त हुई हैं, जिनका निपटारा किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में मतदाता पुनरीक्षण क्यों किया जा रहा है?
मतदाता पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी योग्य मतदाता अपनी सही स्थान पर हों और अयोग्य मतदाता सूची में न हों।
क्या कोई भी योग्य मतदाता छूट सकता है?
नहीं, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर नहीं रहेगा।
राजनीतिक दलों को आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि क्या है?
राजनीतिक दलों के लिए आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 5 अगस्त है।
राष्ट्र प्रेस
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