क्या बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया तेज हो गई है?

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क्या बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया तेज हो गई है?

सारांश

बिहार में विधानसभा चुनावों की तैयारी के तहत मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चल रहा है। हाल ही में 1.18 करोड़ फॉर्म इकट्ठा हुए हैं। जानें इस प्रक्रिया के पीछे का उद्देश्य और क्या हैं इसके प्रभाव।

मुख्य बातें

मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान बिहार में चल रहा है।
पिछले 24 घंटों में 1.18 करोड़ फॉर्म इकट्ठा हुए हैं।
फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि में 18 दिन बाकी हैं।
सहायता के लिए 77,895 बीएलओ नियुक्त किए गए हैं।
आवश्यक सहयोग से प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।

बिहार, 7 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान जोर-शोर से चल रहा है। चुनाव आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, सोमवार शाम 6 बजे तक 2,87,98,460 मतदाताओं के गणना फॉर्म एकत्र किए गए हैं, जो कि 24 जून तक बिहार में नामांकित कुल 7,89,69,844 (लगभग 7.90 करोड़) मतदाताओं का 36.47 प्रतिशत है。

पिछले 24 घंटों में, यानी रविवार शाम 6 बजे से सोमवार शाम 6 बजे तक 1,18,49,252 गणना फॉर्म इकट्ठा किए गए हैं। फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि में अभी 18 दिन शेष हैं।

चुनाव आयोग के अनुसार, फॉर्म अपलोड करने का कार्य भी समानांतर में चल रहा है और सोमवार शाम 6 बजे तक लगभग 7.90 करोड़ मतदाताओं में से 11.26 प्रतिशत ने फॉर्म अपलोड किए हैं। आंशिक रूप से भरे गए फॉर्म ईसीआई पोर्टल और ईसीआईनेट ऐप पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हैं। भरे हुए फॉर्म को मतदाता स्वयं ईसीआईनेट ऐप पर अपलोड कर सकते हैं। कुल 77,895 बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को उनके गणना फॉर्म भरने और एकत्र करने में सहायता कर रहे हैं।

इसके अलावा, प्रक्रिया को सुचारू और समय पर पूरा करने के लिए 20,603 बीएलओ नियुक्त किए जा रहे हैं। लगभग चार लाख स्वयंसेवक, जिनमें सरकारी अधिकारी, एनसीसी कैडेट, एनएसएस सदस्य आदि शामिल हैं, बुजुर्गों, दिव्यांगों, बीमार और कमजोर जनसंख्या को एसआईआर प्रक्रिया में सहूलियत प्रदान करने के लिए कार्यरत हैं। सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों में 963 एईआरओ, 38 डीईओ और राज्य के सीईओ को कवर करने वाले 239 ईआरओ जमीनी स्तर पर मतदाताओं को उनके फॉर्म जमा करने में सहायता प्रदान कर रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 1,54,977 बूथ स्तर एजेंट (बीएलए) भी एसआईआर प्रक्रिया में सक्रिय समर्थन दे रहे हैं।

चुनाव आयोग के 24 जून के आदेश के अनुसार, बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) लागू किया जा रहा है। निर्देशों के अनुसार, 1 अगस्त 2025 को जारी की जाने वाली मसौदा मतदाता सूची में उन व्यक्तियों के नाम शामिल होंगे जिनके गणना फॉर्म प्राप्त हुए हैं। मतदाताओं के सक्रिय सहयोग से यह प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एक सकारात्मक कदम है। यह न केवल चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाता है बल्कि मतदाता जागरूकता को भी बढ़ाता है। यह सुनिश्चित करने का एक प्रयास है कि हर व्यक्ति की आवाज सुनी जाए।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मतदाता सूची पुनरीक्षण का उद्देश्य क्या है?
मतदाता सूची पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी योग्य मतदाता सही तरीके से सूची में शामिल हों और चुनाव प्रक्रिया में भाग ले सकें।
फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि कब है?
फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि अभी 18 दिन दूर है।
एसआईआर प्रक्रिया में कितने बीएलओ शामिल हैं?
लगभग 77,895 बीएलओ इस प्रक्रिया में शामिल हैं।
एसआईआर प्रक्रिया में स्वयंसेवक कौन हैं?
स्वयंसेवक में सरकारी अधिकारी, एनसीसी कैडेट और एनएसएस सदस्य शामिल हैं जो बुजुर्गों और दिव्यांगों की मदद कर रहे हैं।
चुनाव आयोग का आदेश कब जारी हुआ था?
चुनाव आयोग का आदेश 24 जून को जारी हुआ था।
राष्ट्र प्रेस
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