क्या बिहार में सीट-बंटवारा समझौता सम्मानजनक होगा? : अरुण भारती

सारांश
Key Takeaways
- सीट बंटवारा समझौता सम्मानजनक होना चाहिए।
- लोजपा ने अपनी आकांक्षाएं भाजपा के साथ साझा की हैं।
- राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन भाषा की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
- तेजस्वी यादव की राजनीति पर सवाल उठाए गए हैं।
- वोटर अधिकार यात्रा का प्रभाव सीमित हो सकता है।
पटना, 29 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनावों में एनडीए के सीट बंटवारे को लेकर लोजपा (रामविलास) के बिहार प्रभारी और सांसद अरुण भारती ने स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी ने अपनी आकांक्षाओं को प्रमुख सहयोगी दल भाजपा के साथ साझा किया है। उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन आपसी सहमति बनने के बाद इसकी घोषणा की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीट बंटवारा समझौता सम्मानजनक होना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने 2015 में लोजपा द्वारा 43 सीटों और 2020 में 137 सीटों पर चुनाव लड़ने का उल्लेख करते हुए व्यक्तिगत राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के लिए सम्मानजनक सीट संख्या इन दो आंकड़ों के बीच होनी चाहिए।
लोजपा (रामविलास) सांसद ने वोटर अधिकार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपशब्द कहे जाने की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने कहा कि राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए। किसी भी कीमत पर भाषा की मर्यादा नहीं टूटनी चाहिए। इस बात का ध्यान रखा जाना चाहिए।
राजद नेता तेजस्वी यादव को निशाने पर लेते हुए उन्होंने दरभंगा की घटना को निंदनीय करार देते हुए कहा कि यह व्यवहार तब है जब वे सत्ता से बाहर हैं; सत्ता में आने पर उनका रवैया कैसा होगा? उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव ने लोजपा (रामविलास) के नेता चिराग पासवान के खिलाफ भी अपशब्दों का इस्तेमाल किया था।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इसके लिए आप शब्दों की मर्यादा को नहीं लांघ सकते हैं। यह हालत तब है जब वे सत्ता में नहीं हैं, लेकिन जब वे सत्ता में आएंगे तब क्या करेंगे? यह उनकी संस्कृति और उनके इतिहास का हिस्सा रहा है कि जब भी उनका भ्रमजाल या नेरेटिव नहीं चलता तब वे अपशब्दों पर उतर आते हैं।"
उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से हमें बचकर रहने की आवश्यकता है। सत्ता में आने पर ये लोग क्या करेंगे? इन जैसे जंगलराज के नेताओं से राजनीति में किसी भी प्रकार की सुचिता की उम्मीद करना बेईमानी है। साथ ही, उन्होंने तेजस्वी यादव की बिहार वोटर अधिकार यात्रा को फेल करार देते हुए कहा कि इससे बिहार की जनता पर कोई असर नहीं पड़ने वाला है।