26 जून 2026
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क्या एसआईआर पर एससी में चुनाव आयोग ने जवाब दाखिल किया है, 'फर्जी वोटर्स को हटाना हमारी जिम्मेदारी'?

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क्या एसआईआर पर एससी में चुनाव आयोग ने जवाब दाखिल किया है, 'फर्जी वोटर्स को हटाना हमारी जिम्मेदारी'?

सारांश

बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के मामले में भारत निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है। आयोग ने राजनीतिक दलों के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया पूरी होने के करीब है। जानें इसके पीछे की पूरी कहानी और आंकड़े।

मुख्य बातें

भारत निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया।
फर्जी मतदाताओं को हटाना आयोग की जिम्मेदारी है।
बिहार में मतदाताओं की गणना 90.67 प्रतिशत हो चुकी है।
एसआईआर प्रक्रिया से मतदाताओं को कोई परेशानी नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई 28 जुलाई को होगी।

नई दिल्ली, 21 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित भारत निर्वाचन आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में एक जवाबी हलफनामा पेश किया। आयोग ने विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा दायर याचिका में लगाए गए आरोपों का खंडन किया। इस मामले की सुनवाई अब 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होगी।

बिहार एसआईआर मामले में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब प्रस्तुत किया। ईसीआई ने एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर), कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और अन्य राजनीतिक दलों की ओर से दायर याचिका में लगाए गए आरोपों का इन्कार किया। आयोग ने मीडिया में एसआईआर को लेकर चल रही भ्रामक खबरों पर भी सवाल उठाए।

चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि एसआईआर प्रक्रिया से मतदाताओं को कोई परेशानी नहीं है। कानून के अनुसार प्रक्रिया पूर्ण होने के करीब है। आयोग ने कहा कि फर्जी मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटाना उसकी जिम्मेदारी है और वह इस संवैधानिक जिम्मेदारी को निभा रहा है।

जवाबी हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूछे गए हर सवाल का सही उत्तर दिया गया है। चुनाव आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 में प्रदत्त अधिकारों का हवाला देते हुए पूरी प्रक्रिया के सुसंगत और अधिकार क्षेत्र में होने की बात की।

बता दें कि बिहार में अब तक 7,89,69,844 मतदाताओं में से 7,16,03,218 यानी 90.67 प्रतिशत गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं। डिजिटल गणना प्रपत्र 7,08,59,670 या 89.73 प्रतिशत हैं। जहां 43,92,864 या 5.56 प्रतिशत मतदाता अपने पते पर नहीं मिले, वहीं 16,55,407 या 2.1 प्रतिशत मृत वोटर पाए गए। अब तक स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं की संख्या 19,75,231 या 2.5 प्रतिशत है। एक से अधिक स्थानों पर नामांकित मतदाता 7,50,742 या 0.95 प्रतिशत हैं, जबकि अप्राप्त वोटर (जिन निर्वाचकों का पता नहीं चल पा रहा है) 11,484 यानी 0.01 प्रतिशत हैं। कुल सम्मिलित निर्वाचक 7,59,96,082 यानी 96.23 प्रतिशत हैं। अब सिर्फ 29,62,762 या 3.77 प्रतिशत मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त होने शेष हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर प्रक्रिया क्या है?
एसआईआर का अर्थ है मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण, जिसका उद्देश्य फर्जी मतदाताओं को हटाना और मतदाता सूची को अद्यतन करना है।
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा?
चुनाव आयोग ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया से मतदाताओं को कोई परेशानी नहीं है और यह प्रक्रिया कानून के अनुसार पूरी होने के करीब है।
बिहार में मतदाताओं की संख्या क्या है?
बिहार में अब तक 7,89,69,844 मतदाता पंजीकृत हैं।
फर्जी मतदाता कैसे हटाए जाते हैं?
फर्जी मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटाने के लिए गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का पालन किया जाता है।
इस मामले की अगली सुनवाई कब है?
इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होगी।
राष्ट्र प्रेस
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