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क्या बिहार विधानसभा सत्र के दूसरे दिन हंगामा हुआ?

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क्या बिहार विधानसभा सत्र के दूसरे दिन हंगामा हुआ?

सारांश

बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन विपक्षी विधायकों का हंगामा चर्चा में है। मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन के विरोध में सदन के अंदर और बाहर प्रदर्शन हुआ। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की कहानी और क्या है विपक्ष का मुख्य आरोप।

मुख्य बातें

विपक्षी विधायकों का प्रदर्शन लोकतंत्र का एक हिस्सा है।
हंगामे के दौरान स्पीकर ने शांति बनाए रखने का प्रयास किया।
मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की गई।
प्रदर्शन के दौरान मार्शलों की कार्रवाई हुई।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वैकल्पिक मार्ग से विधानसभा में प्रवेश किया।

पटना, २२ जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को उस समय हंगामा मच गया, जब विपक्षी विधायकों ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) अभियान के खिलाफ सदन के अंदर और बाहर प्रदर्शन किया।

जैसे ही स्पीकर नंद किशोर यादव ने सदन की कार्यवाही शुरू की, विपक्षी विधायक खड़े होकर नारेबाजी करने लगे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर बहस की मांग करते हुए पोस्टर लेकर सदन के बेल में पहुंच गए।

स्पीकर ने विरोध कर रहे विधायकों को शांत करने की कोशिश की और उन्हें अपनी सीटों पर लौटने को कहा। स्पीकर ने कहा कि नारे लगाने से आपका गला थक जाएगा, आपको चुनाव के लिए अपनी आवाज बचानी चाहिए।

विपक्षी विधायक काले कपड़े पहनकर सदन में विरोध जताने पहुंचे, जिस पर स्पीकर ने उनकी पोशाक पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह अच्छा नहीं लगता।

मार्शलों को निर्देश दिया गया कि वे प्रदर्शन कर रहे विधायकों के हाथों से तख्तियां छीन लें, जिन्हें बाद में सदन से बाहर निकाल दिया गया।

इससे पहले, राजद विधायकों ने विधानसभा के बाहर हंगामा किया और स्पीकर नंद किशोर यादव को सदन में प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे अपने कक्ष तक पहुंचने में सफल रहे।

राजद, कांग्रेस और वामपंथी दलों सहित विपक्षी विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के जरिए 'षड्यंत्र' रचने का आरोप लगाया और इसे वापस लेने की मांग की।

विपक्षी विधायकों ने मुख्य द्वार पर नाकाबंदी की, जिसके कारण सालों से बंद विधानसभा के दूसरे द्वार को हथौड़े और छेनी से तोड़कर खोला गया, ताकि सत्तारूढ़ दल के विधायक अंदर जा सकें।

इसके बाद भी विपक्षी विधायकों ने प्रवेश द्वार को बाधित करने का प्रयास किया, लेकिन राजद विधायक मुकेश रोशन और कांग्रेस विधायक राजेश कुमार को हटाकर मार्शलों ने रास्ता खाली कराया।

इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वैकल्पिक मार्ग से विधानसभा पहुंचे और स्पीकर से मिले। उनके साथ संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी और मंत्री श्रवण कुमार भी मौजूद थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन क्या यह सही दिशा में हो रहा है? जब लोकतांत्रिक संस्थाएं सवालों के घेरे में आती हैं, तो इसका असर केवल राजनीति पर नहीं, बल्कि समाज पर भी पड़ता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार विधानसभा सत्र में क्या हुआ?
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन विपक्षी विधायकों ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
विपक्षी विधायकों ने किस मुद्दे पर हंगामा किया?
विपक्षी विधायकों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के विरोध में हंगामा किया।
स्पीकर ने विरोध का कैसे सामना किया?
स्पीकर ने विरोध कर रहे विधायकों को शांत करने की कोशिश की और उन्हें अपनी सीटों पर लौटने को कहा।
राष्ट्र प्रेस
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