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बिहार के 19 जिलों में येलो अलर्ट: बारिश, आंधी और कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर से चिंता

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बिहार के 19 जिलों में येलो अलर्ट: बारिश, आंधी और कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर से चिंता

सारांश

बिहार में मॉनसून की वापसी के साथ 19 जिलों में येलो अलर्ट, समस्तीपुर और बांका में 3 लोगों की मौत और कोसी बेसिन की 35 पंचायतें खतरे की जद में — अगले 48 घंटे अहम।

मुख्य बातें

मौसम विभाग ने 25 सितंबर 2026 को बिहार के 19 जिलों में 'येलो अलर्ट' जारी किया।
समस्तीपुर में पेड़ गिरने से दो छात्राओं की मौत ; बांका में दीवार ढहने से एक महिला की मौत ।
पिछले 24 घंटों में पटना समेत करीब 11 जिलों में रुक-रुक कर बारिश दर्ज।
कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका; 35 पंचायतें संवेदनशील घोषित, जल संसाधन विभाग ने हाई अलर्ट जारी किया।
वर्षा कम होने के बाद तापमान में 2–4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी संभव।
अधिकारियों ने तटबंध क्षेत्र के निवासियों को ऊँचे स्थानों पर जाने की सलाह दी।

बिहार के 19 जिलों में मौसम विभाग ने 25 सितंबर 2026 को 'येलो अलर्ट' जारी किया है, क्योंकि उत्तर-पश्चिम भारत से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी के साथ लगातार बारिश, आंधी-तूफान और नदियों में जलस्तर वृद्धि ने राज्य में सामान्य जनजीवन को बाधित कर दिया है। कोसी बेसिन के निकटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा सबसे अधिक बताया जा रहा है, जबकि समस्तीपुर और बांका में मौसमी घटनाओं से तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

मौसम विभाग के अनुसार बिहार के 19 जिलों में तेज हवाओं, बिजली कड़कने और आंधी-तूफान की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। पिछले 24 घंटों में राज्य की राजधानी पटना सहित करीब 11 जिलों में रुक-रुक कर वर्षा दर्ज की गई है। पटना के पांडारक पुलिस स्टेशन अंतर्गत दरगाही टोला के पास एनएच-31 पर एक बड़ा इमली का पेड़ गिर जाने से वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए बाधित हुई।

जान-माल का नुकसान

समस्तीपुर में गुरुवार को तेज आंधी के दौरान पेड़ गिरने से दो छात्राओं की मौत हो गई और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गया। बांका में बुधवार रात भारी बारिश और नमी के कारण एक जर्जर दीवार ढहने से एक महिला की मौत हो गई। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य पहले से ही मौसमी आपदाओं का सामना कर रहा है और प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।

कोसी नदी और बाढ़ का खतरा

नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार भारी बारिश के बाद कोसी नदी का जलस्तर काफी बढ़ने की आशंका है। जल संसाधन विभाग ने कोसी बेसिन से जुड़े इंजीनियरों और अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा है। कोसी बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने की उम्मीद जताई जा रही है। नवहट्टा, महिषी, सिमरी बख्तियारपुर और सलखुआ ब्लॉक की करीब 35 पंचायतों को विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों के तौर पर चिह्नित किया गया है।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

अधिकारियों ने तटबंधों के भीतर रहने वाले निवासियों और स्थानीय नाविकों को निर्देश दिए हैं कि यदि हालात बिगड़ते हैं तो वे सुरक्षित और ऊँचे स्थानों पर तत्काल चले जाएं। प्रशासन ने आमजन को सलाह दी है कि आंधी-तूफान और तेज हवाओं के दौरान घर के अंदर ही रहें और मौसम एवं आपदा प्रबंधन से जुड़ी आधिकारिक सलाह का पालन करें। गौरतलब है कि कोसी बेसिन में हर वर्ष मानसून के अंत में इसी तरह के हालात उत्पन्न होते हैं, लेकिन इस बार नेपाल में असामान्य वर्षा ने जोखिम को और बढ़ा दिया है।

आम जनता पर असर और आगे की स्थिति

मौसम विभाग के अनुसार, बारिश होने से तापमान में तत्काल बदलाव की संभावना नहीं है। हालाँकि, वर्षा कम होने के बाद तापमान में करीब 2–4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। निचले इलाकों और नदी किनारे बसे गाँवों के लोग सबसे अधिक प्रभावित हैं। कोसी बेसिन में अगले 48 घंटे अहम माने जा रहे हैं और अधिकारियों की नज़र बैराज के जलस्तर पर टिकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

हाई अलर्ट, और फिर राहत की माँग। इस बार नेपाल में असामान्य वर्षा ने जोखिम की तीव्रता बढ़ाई है, लेकिन असली सवाल यह है कि तटबंध क्षेत्र की 35 संवेदनशील पंचायतों तक समय पर निकासी की व्यवस्था कितनी तैयार है। समस्तीपुर और बांका में हुई मौतें यह भी बताती हैं कि जान-माल की क्षति केवल बाढ़ से नहीं, बल्कि आंधी और जर्जर ढाँचों से भी होती है — जो दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे की उपेक्षा को उजागर करती है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में येलो अलर्ट किन जिलों में जारी किया गया है?
मौसम विभाग ने 25 सितंबर 2026 को बिहार के 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज हवाओं, बिजली कड़कने और आंधी-तूफान की चेतावनी दी गई है।
बिहार में खराब मौसम से कितने लोगों की मौत हुई है?
समस्तीपुर में आंधी के दौरान पेड़ गिरने से दो छात्राओं की मौत हुई और एक व्यक्ति घायल हुआ। बांका में भारी बारिश के कारण जर्जर दीवार ढहने से एक महिला की जान गई।
कोसी नदी में बाढ़ का खतरा क्यों बढ़ा है?
नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार भारी बारिश के कारण कोसी नदी का जलस्तर काफी बढ़ने की आशंका है। कोसी बैराज से भी भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने की संभावना जताई गई है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का जोखिम बढ़ गया है।
कोसी बेसिन में कौन-से इलाके सबसे अधिक संवेदनशील हैं?
नवहट्टा, महिषी, सिमरी बख्तियारपुर और सलखुआ ब्लॉक की करीब 35 पंचायतों को विशेष रूप से संवेदनशील इलाकों के तौर पर चिह्नित किया गया है। जल संसाधन विभाग ने इन क्षेत्रों के इंजीनियरों और अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा है।
प्रशासन ने आम लोगों को क्या सलाह दी है?
प्रशासन ने लोगों को आंधी-तूफान और तेज हवाओं के दौरान घर के अंदर रहने की सलाह दी है। तटबंध क्षेत्र में रहने वालों और नाविकों को हालात बिगड़ने पर सुरक्षित और ऊँचे स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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