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बिजनौर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: ₹909 लाख की 8 परियोजनाएं मंजूर, बिदुर कुटी को ₹4 करोड़

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बिजनौर में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: ₹909 लाख की 8 परियोजनाएं मंजूर, बिदुर कुटी को ₹4 करोड़

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजनौर जनपद में ₹909 लाख की 8 धार्मिक पर्यटन परियोजनाओं को हरी झंडी दी है। सबसे बड़ा आवंटन ऐतिहासिक बिदुर कुटी स्थल को — ₹4 करोड़। यह कदम राज्य की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें जिला-स्तरीय आस्था स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर लाने की कोशिश है।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजनौर जनपद में 8 पर्यटन विकास परियोजनाओं के लिए ₹909 लाख मंजूर किए।
सबसे बड़ा आवंटन बिदुर कुटी स्थल को — ₹4 करोड़ ; कार्य सीएनडीएस संस्था के माध्यम से होगा।
नगीना के श्रीराम लीला बाग मंदिर को ₹111 लाख और अल्लेहपुर धाम को ₹112 लाख आवंटित।
कार्यदायी संस्था के रूप में यूपीएसटीडीसी को नामित किया गया है।
परियोजनाएं वित्तीय वर्ष 2025-26 की राज्य पर्यटन योजना के तहत स्वीकृत की गई हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजनौर जनपद में धार्मिक पर्यटन के विस्तार की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए 8 पर्यटन विकास परियोजनाओं के लिए ₹909 लाख की स्वीकृति दी है। 29 अप्रैल 2026 को जारी इस निर्णय के तहत मुरादाबाद मंडल के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में आस्था स्थलों का सौंदर्यीकरण, बुनियादी ढाँचे का विस्तार और स्थानीय रोज़गार सृजन सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्य परियोजनाएं और आवंटित धनराशि

पर्यटन विभाग की राज्य योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत इन परियोजनाओं में सबसे बड़ा हिस्सा बिजनौर के ऐतिहासिक बिदुर कुटी स्थल को मिला है, जिसके समेकित विकास के लिए ₹4 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इस कार्य को सीएनडीएस संस्था के माध्यम से संपन्न कराया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, नगीना के श्रीराम लीला बाग मंदिर के विकास हेतु ₹111 लाख और विकासखंड अल्लेहपुर धाम स्थित स्थल के लिए ₹112 लाख स्वीकृत किए गए हैं। नहटौर में अड्डे वाला बाबा स्थल को ₹87 लाख, धामपुर के केड़ीवाले बाबा स्थल को ₹50 लाख, बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र में संत शिरोमणि रविदास मंदिर को ₹44 लाख, सदर क्षेत्र के उमा महेश आश्रम, निजामतपुरा गंज को ₹40 लाख और नूरपुर स्थित झंडेवाला बाबा मंदिर को ₹30 लाख की धनराशि दी गई है।

कार्यदायी संस्था और क्रियान्वयन

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इन परियोजनाओं के निष्पादन के लिए उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। संस्था को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। बिदुर कुटी का कार्य सीएनडीएस के माध्यम से अलग से संचालित होगा।

सरकार का उद्देश्य और व्यापक दृष्टिकोण

मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश भर में आस्था से जुड़े स्थलों का व्यापक विकास किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन योजनाओं का उद्देश्य कम प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को विकसित कर उन्हें पर्यटन मानचित्र पर लाना है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों के साथ-साथ जिला-स्तरीय धार्मिक स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया है।

आम जनता और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर

इन परियोजनाओं से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नए अवसर भी सृजित होंगे। बिजनौर जैसे जनपद में पर्यटन अवसंरचना के विस्तार से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में व्यापक निवेश कर रही है।

आगे की राह

सभी 8 परियोजनाओं का कार्य वित्तीय वर्ष 2025-26 के भीतर प्रारंभ होना निर्धारित है। यूपीएसटीडीसी के माध्यम से कार्यों की प्रगति की निगरानी की जाएगी। इन स्थलों के विकास के बाद बिजनौर जनपद उत्तर प्रदेश के धार्मिक पर्यटन नक्शे पर एक नई पहचान बना सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचकों का कहना है कि यूपीएसटीडीसी जैसी संस्थाओं के पिछले प्रदर्शन में समयबद्धता और गुणवत्ता दोनों पर सवाल उठते रहे हैं। असली परीक्षा यह होगी कि ये परियोजनाएं कागज़ों से ज़मीन पर कब और कैसे उतरती हैं, और स्थानीय रोज़गार के वादे कितने सत्यापन-योग्य परिणामों में बदलते हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिजनौर में कितनी पर्यटन परियोजनाएं मंजूर की गई हैं और कुल बजट क्या है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजनौर जनपद में 8 पर्यटन विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिन पर कुल ₹909 लाख खर्च किए जाएंगे। ये परियोजनाएं वित्तीय वर्ष 2025-26 की राज्य पर्यटन योजना के अंतर्गत स्वीकृत की गई हैं।
बिदुर कुटी स्थल के विकास के लिए कितनी राशि आवंटित की गई है?
बिजनौर के ऐतिहासिक बिदुर कुटी स्थल के समेकित विकास के लिए ₹4 करोड़ की धनराशि निर्धारित की गई है। इस कार्य को सीएनडीएस संस्था के माध्यम से संपन्न कराया जाएगा।
इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन कौन करेगा?
परियोजनाओं के निष्पादन के लिए उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। बिदुर कुटी का कार्य अलग से सीएनडीएस संस्था के माध्यम से होगा।
किन-किन धार्मिक स्थलों को इन परियोजनाओं में शामिल किया गया है?
इन परियोजनाओं में संत शिरोमणि रविदास मंदिर (बढ़ापुर), उमा महेश आश्रम निजामतपुरा गंज (सदर), झंडेवाला बाबा मंदिर (नूरपुर), बिदुर कुटी, श्रीराम लीला बाग मंदिर (नगीना), अड्डे वाला बाबा स्थल (नहटौर), केड़ीवाले बाबा स्थल (धामपुर) और अल्लेहपुर धाम शामिल हैं।
इन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को क्या फायदा होगा?
इन परियोजनाओं से श्रद्धालुओं को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही, कम प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के पर्यटन मानचित्र पर आने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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