3 अगस्त 2026
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पश्चिम बंगाल में सत्ता-विरोधी लहर तेज, ममता बनर्जी 'बेचैन': कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी

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पश्चिम बंगाल में सत्ता-विरोधी लहर तेज, ममता बनर्जी 'बेचैन': कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी

सारांश

अधीर रंजन चौधरी का दावा है कि पश्चिम बंगाल में सत्ता-विरोधी लहर साफ दिख रही है — और ममता बनर्जी की बूथ-दर-बूथ भागदौड़ इसी बेचैनी का प्रमाण है। भवानीपुर में केंद्रीय बलों का लाठीचार्ज और कालीघाट में तनाव ने दूसरे चरण के मतदान को हाई-वोल्टेज बना दिया।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 29 अप्रैल को कहा कि पश्चिम बंगाल में स्पष्ट सत्ता-विरोधी लहर है।
चौधरी के अनुसार, ममता बनर्जी पहली बार बूथ-दर-बूथ घूम रही हैं, जो उनकी बेचैनी का संकेत है।
भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय बलों को उग्र तृणमूल कांग्रेस (TMC) समर्थकों पर लाठीचार्ज करना पड़ा।
कालीघाट इलाके में TMC कार्यकर्ताओं ने सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ प्रदर्शन किया; अधिकारी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से शिकायत की।
दूसरे चरण का मतदान प्रतिशत 2024 लोकसभा चुनाव के इसी दौर के 45.10% औसत से काफी अधिक रहा।
142 सामान्य पर्यवेक्षक और 95 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात — पहले चरण के 84 की तुलना में अधिक।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार, 29 अप्रैल को कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में सत्ता-विरोधी लहर स्पष्ट रूप से दिख रही है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बूथ-दर-बूथ सक्रियता इस बात का संकेत है कि वे अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। यह बयान विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान के दिन आया, जब भवानीपुर सहित कई क्षेत्रों में तनाव की खबरें भी सामने आईं।

अधीर रंजन चौधरी का बयान

चौधरी ने कहा,

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अधीर रंजन चौधरी ने पश्चिम बंगाल में सत्ता-विरोधी लहर के बारे में क्या कहा?
कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने 29 अप्रैल को कहा कि बंगाल में सत्ता-विरोधी लहर स्पष्ट है, लेकिन इसका लाभ किस पार्टी को मिलेगा यह अनिश्चित है क्योंकि विपक्षी वोट बंट सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि TMC के वोट एकजुट रहे तो उन्हें फायदा हो सकता है।
ममता बनर्जी को 'बेचैन' क्यों बताया जा रहा है?
अधीर रंजन चौधरी के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहली बार अपने क्षेत्र में एक बूथ से दूसरे बूथ तक जाकर मतदाताओं से बातचीत कर रही हैं, जो अभूतपूर्व है। चौधरी का मानना है कि यह इस बात का संकेत है कि ममता बनर्जी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नहीं हैं।
भवानीपुर में मतदान के दौरान क्या हुआ?
दूसरे चरण के मतदान के दौरान भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में तनाव बढ़ा और केंद्रीय बलों को उग्र TMC समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस क्षेत्र में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के बीच हाई-प्रोफाइल मुकाबला है।
दूसरे चरण में कितने पर्यवेक्षक तैनात किए गए थे?
दूसरे चरण में 142 सामान्य पर्यवेक्षक और 95 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किए गए, जो पहले चरण के 84 पर्यवेक्षकों की तुलना में अधिक है। केंद्रीय बलों की इस सतर्क निगरानी को बड़े पैमाने पर हिंसा न होने का प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
बंगाल चुनाव के दूसरे चरण का मतदान प्रतिशत कैसा रहा?
दूसरे चरण का मतदान प्रतिशत 2024 के सात चरणों वाले लोकसभा चुनावों में इसी अवधि के दर्ज 45.10% के औसत से काफी अधिक रहा। विशेषज्ञ इसे मतदाताओं की बढ़ी हुई सक्रियता का संकेत मान रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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